अशोक वाजपेयी की कविताओं में माँ : एक गहरी मानवीय दृष्टिJanuary 16, 20251 mins0आज कवि-विचारक अशोक वाजपेयी का जन्मदिन है। इस अवसर पर प्रस्तुत है कवयित्री स्मिता सिन्हा का यह…लेख prabhatcontinue Reading..
संपादक के रचना-केंद्रित अनुभवJanuary 11, 20251 mins0जानकी पुल की युवा संपादक अनुरंजनी ने संपादन से जुड़े अपने अनुभवों को साझा किया है। आप…लेख prabhatcontinue Reading..
श्याम बेनेगल की फ़िल्म “मंथन” एक प्रयोग December 24, 20241 mins1कल प्रसिद्ध फ़िल्मकार श्याम बेनेगल का निधन हो गया। वे समांतर सिनेमा के पर्याय थे। उनकी फ़िल्म…लेख prabhatcontinue Reading..
गगन गिल की कविताएँ : स्त्री के भीतर स्त्री की तलाशDecember 4, 2024December 4, 20241 mins1अम्बुज पाण्डेय अपनी आलोचना और टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं। गगन गिल की कविताओं पर उनका…लेख prabhatcontinue Reading..
आलोक रंजन की कहानी ‘स्वाँग से बाहर’ पर कुमारी रोहिणी की टिप्पणीDecember 1, 2024December 1, 20241 mins0जानकी पुल पर कल युवा लेखक आलोक रंजन की कहानी ‘स्वाँग से बाहर’ प्रकाशित हुई थी। कहानी…लेख prabhatcontinue Reading..
‘बिना कलिंग विजय के’ की एक कविता के बहानेNovember 25, 20241 mins0कल साहित्य आजतक में यतीन्द्र मिश्र के कविता संग्रह ‘बिना कलिंग विजय के’ का लोकार्पण हुआ। वाणी…लेख prabhatcontinue Reading..
साहित्यिक साक्षात्कार को ले कर कुछ विचारNovember 5, 2024November 5, 20241 mins1जानकी पुल के सलाहकार संपादक प्रचण्ड प्रवीर ने साहित्यिक साक्षात्कार को लेकर अपने विचार रखे हैं और…लेख prabhatcontinue Reading..
उत्सव’ तभी मनाये जाते हैं, जब अंधकार गहरा होता है!October 30, 20241 mins0दिवाली महा-उत्सव है। भारत की उत्सवधर्मिता पर महान लेखक उदय प्रकाश ने यह लेख लिखा है। कल…लेख prabhatcontinue Reading..
विद्यानिवास मिश्र के भारत पर हितेन्द्र पटेलOctober 24, 2024October 24, 20241 mins0प्रसिद्ध विद्वान विद्यानिवास मिश्र ने 1998 में एक किताब लिखी थी- ‘सपने कहाँ गए’। यह किताब एक…लेख prabhatcontinue Reading..
साहित्य का सबसे बड़ा मूल्य मार्मिकता है- किम जू हेOctober 13, 20241 mins0लगता है यह समय कोरियाई साहित्य की विश्वव्यापी प्रतिष्ठा का साल है। 10 अक्तूबर 2024 को हान…लेख prabhatcontinue Reading..