‘शुक्ल भी केवल अपने तरह के ही दिखाई पड़ते हैं, शुक्ल की तरह।’

लेखक-कवि विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार मिलने पर यह टिप्पणी लिखी है अमेरिका प्रवासी प्रसिद्ध अंग्रेज़ी लेखक अमितावा कुमार…

बसंत के आग्रह का कवि: पी बी शेली

महान रोमांटिक कवि पी बी शेली की कविताओं पर यह लेख लिखा है युवा कवि अंचित ने। आप भी पढ़…

यादों की थिरक: नानी और दिल्ली की कुमाऊँनी होली

कुमाऊँ की होली ख़ास होती है। जब तक मेरे गुरु मनोहर श्याम जोशी जीवित थे कुमाऊँ की होली का रंग…

नारी तू नारायणी!

स्मिता सुंदरम एक शिक्षिका, शोधकर्ता और पर्यावरण कार्यकर्ता हैं, जो *सस्टेनेबिलिटी, कार्बन डाइऑक्साइड बायो-सीक्वेस्ट्रेशन, और पारंपरिक ज्ञान प्रणाली* पर कार्य…

तसलीमा नसरीन का लेख ‘महिला दिवस’

आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। आज के दिन पढ़िए बहुचर्चित और लोकप्रिय लेखिका तसलीमा नसरीन का लेख ‘महिला दिवस‘। बांग्ला…

स्त्रियों की भाषा या भाषाओं में स्त्रियाँ

आज अंतरराष्ट्रीय स्त्री दिवस पर पढ़िए कुमारी रोहिणी का यह लेख जो स्त्री और भाषा को लेकर है। कुमारी रोहिणी कोरियन…

तमिलनाडु में हिन्दी विरोध की राजनीति

वाणी त्रिपाठी के स्तंभ जनहित में जारी सब पर भारी में आज पढ़िए तमिलनाडु में हो रहे हिन्दी विरोध की…

अनुरंजनी का लेख ‘भारत का सोबती आख्यान’

आज कृष्णा सोबती के लेखन पर यह सुचिंतित लेख पढ़िए। लिखा है अनुरंजनी ने। अनुरंजनी दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय में…

क्या अब व्यंग्य का मतलब सिर्फ लोगों को चौंकाना और उनसे प्रतिक्रिया लेना रह गया है?

आज से हम एक नया स्तंभ शुरू कर रहे हैं- जन हित में जारी, सब पर भारी! स्तंभ की लेखिका…

कई मायनों में यह आयोजन सफ़ल रहा

रज़ा न्यास द्वारा आयोजित दो दिवसीय आयोजन ‘युवा’ की यह रपट लिखी है जानकी पुल की युवा संपादक अनुरंजनी ने- …

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