‘आन्ना कारेनिना’ उपन्यास पर मनीषा कुलश्रेष्ठ

लियो टॉलस्टॉय का उपन्यास आन्ना कारेनिना 1878 में प्रकाशित हुआ था। प्रेम, यौनाचार, बेवफ़ाई जैसी मूल प्रवृत्तियों को लेकर लिखे…

लोक और शास्त्र का लालित्यपूर्ण वैभव- प्रिया नीलकण्ठी

आज हिन्दी के प्रसिद्ध निबंधकार कुबेरनाथ राय की पुण्यतिथि है। इस अवसर पर उनके प्रसिद्ध निबंध संग्रह ‘प्रिया नीलकंठी’ पर…

बानू मुश्ताक़ ‘हार्ट लैंप’ और बुकर

कन्नड़ भाषा की वरिष्ठ लेखिका बानू मुश्ताक़ की किताब ‘हार्ट लैंप’ को इंटरनेशनल बुकर प्राइज़ देने की घोषणा हुई है।…

विरह का एक विस्तृत पुरालेख गढ़ने वाले कवि आगा शाहिद अली

युवा कवि अंचित ने यह लेख लिखा है भारतीय मूल के अंग्रेज़ी कवि आगा शाहिद अली पर। आगा शाहिद अली…

पहलगाम: मेरी डायरी के पन्नों से

आज पढ़िए प्रसिद्ध संस्कृतिकर्मी वाणी त्रिपाठी के स्तंभ ‘जनहित में जारी सब पर भारी’ की अगली किस्त- मॉडरेटर  ===================== हमारी…

हिन्दी साहित्य दोहरे संकट से जूझ रहा है: शुभ्रास्था

हिन्दी लेखकों की वर्तमान दशा-दिशा पर यह टिप्पणी लिखी है संस्कृतिकर्मी-सामाजिक कार्यकर्ता शुभ्रास्था ने, जो अपना राजनीतिक परामर्श उद्यम चलाती…

ध्वनि सिद्धान्त, जेनेरेटिव एआई और हिन्दी पठन-पाठन का भविष्य

जेनेरेटिव एआइ ने समाज के सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रभाव डाला है। चिकित्सा विज्ञान, विधि, फाइनेंस, कला, चलचित्र, मैन्युफैक्चरिंग से…

विस्मृत नायक : कुबेरनाथ राय

कुबेरनाथ राय हिन्दी के प्रसिद्ध निबंधकार रहे हैं। उनकी प्रसिद्ध पुस्तकों ‘रस आखेटक’ और ‘प्रिया नीलकंठी’ के बहाने या लेख…

सिमोन का सवाल: क्या हर स्त्री मां बनना चाहती है?

कल हम लोगों ने जानकी पुल पर लकी राजीव की एक कहानी पढ़ी ‘शर्बत’ जिसके केंद्र में मातृत्व था आज…

इंसान, तकनीक और रचनात्मकता के बीच संबंध

प्रसिद्ध संस्कृतिकर्मी वाणी त्रिपाठी ने अपने कॉलम ‘जनहित में जारी सब पर भारी’ में इस बार स्टूडियो घिबली और चैट…

जानकी पुल को सहयोग करें

Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी