राहुल गांधी अगर राहुल गांधी न होते!

हाल में ही रामचंद्र गुहा द्वारा राहुल गांधी पर लिखे एक लेख की बहुत चर्चा है। ऐसे में इस लेख…

कृतज्ञता: भारतीय विचारसरणी के समसामयिक प्रस्थान

आज पढ़िए युवा लेखक प्रचण्ड प्रवीर का अनूठा लेख: कृतज्ञता पर। हमेशा अलग अलग तरह के विषयों पर लिखने वाले…

नेहरू, गुरु दत्त और संवेदनशील भारत का अवसान

मनोज कुमार झा जी सार्वजनिक जीवन के उन गिने-चुने लोगों में हैं जो कमाल के वक्ता होने के साथ-साथ बेजोड़…

फ़ीफ़ा:महायज्ञ से पहले मंत्रोच्चार

फुटबॉल का विश्वकप यानी फ़ीफ़ा शुरू होने वाला है। लेखिका दीप्ति कुशवाह का यह लेख उसी की उत्तेजना, उसी के…

सविता सिंह और सिल्विया प्लाथ की कविता में अस्तित्व का जादुई यथार्थ

प्रसिद्ध कवयित्री सविता सिंह की एक कविता ‘सपने और तितलियाँ’ पर यह विश्लेषणात्मक टिप्पणी लिखी है हैदराबाद यूनिवर्सिटी के पूर्व…

यांग शुआंग-ज़ी और इंटरनेशनल बुकर प्राइज़

इस साल इंटरनेशनल बुकर प्राइज़ 2026 ताइवानी लेखक यांग शुआंग-ज़ी के उपन्यास ताइवान ट्रैवलॉग को मिला है। मंदारिन भाषा में लिखा…

लोकतंत्र, भाषा और डेमोगॉगस

दिल्ली विश्वविद्यालय के शोधार्थी लक्की कुमार मिश्रा लोकतंत्र, भाषा, व्यवहार को लेकर एक बहुत ज्ञानवर्धक लेख लिखा है। पढ़ना चाहिए-…

कैसे बनती है मातृभाषा: मृणाल पाण्डे

                  प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे ने इस छोटे मगर सारगर्भित लेख में…

ऑस्कर पुरस्कार ने नये नियम और नई संभावनाएँ

हाल में ही प्रतिष्ठित ऑस्कर पुरस्कार ने अपने नियमों में बदलाव किए हैं। इस बदलावों का सिनेमा की दुनिया पर, ख़ासकर…

ओमा शर्मा: मैं और मेरा समय

वरिष्ठ लेखक ओमा शर्मा ने ‘मैं और मेरा समय’ लिखा है जिसमें उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाई के…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी