भारतीय ज्ञान परम्परा – एक विहङ्गम दृष्टि

इस साल उन्मोचन शृंखला की पाँच पुस्तकों का प्रकाशन हुआ है। वाणी प्रकाशन से प्रकाशित इन पुस्तकों में से भारत…

पोम्पेई- आउट ऑफ़ टाइम (डॉक्यूमेंट्री): निष्ठा अभिजीत अग्निहोत्री

  पोम्पेई: आउट ऑफ़ टाइम विद टॉम हिडलस्टन (Pompeii: Out of Time with Tom Hiddleston) नेशनल ज्योग्राफिक की एक 3-भाग…

बीसवीं सदी की वैचारिकी और नामवर सिंह

आज हिन्दी के प्रसिद्ध आलोचक नामवर सिंह की जयंती है। इस अवसर पर पढ़िए यह लेख जिसे लिखा है विशाल…

श्रीपत राय : अपनी धुन में रहता आया शख़्स

आज प्रसिद्ध लेखक-संपादक श्रीपत राय की जयंती है। इस अवसर पर उनके ऊपर एक विस्तृत लेख पढ़िए। लिखा है कवि-कथाकार…

क्या कालिदास रुद्रप्रयाग के रहने वाले थे?

कालिदास के मेघदूत में वर्णित स्थलों के माध्यम से कालिदास की जन्मस्थली की खोज पर यह गद्य लिखा है अभिषेक…

तर्कवादी कबीर को पुनः खोजना होगा 

कल इंडियन एक्सप्रेस में  डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में एसोसिएट प्रोफेसर   व DAPSA ( दलित आदिवासी प्रोफेसर्स और स्कॉलर्स…

जयशंकर की कहानियाँ प्रज्ञा विश्नोई की नज़र से

प्रज्ञा विश्नोई स्वयं बहुत सुंदर कहानियाँ लिखती हैं। वह दूसरे लेखकों की कहानियों पर भी बहुत अच्छा लिखती हैं। वह…

मुहर्रम: स्मृति, प्रतिरोध और सत्य की अमर परंपरा

मुहर्रम को प्रायः एक धार्मिक आयोजन या शोक-परंपरा के रूप में देखा जाता है, लेकिन उसके भीतर स्मृति, प्रतिरोध और…

फ़ीफ़ा: पीठों पर लिखे राष्ट्र

कल यानी 11 जून से फुटबॉल का विश्वकप शुरू हो रहा है। इसी को लेकर लेखिका दीप्ति कुशवाह ने यह…

लेखक आख़िर लिखते कैसे हैं?

हर लेखक के लिखने का अपना अपना अन्दाज़ होता है। लेखिका वंदना यादव ने अपना अनुभव साझा किया है। आप…

जानकी पुल को सहयोग करें

Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी