वर्तमान में लोकप्रिय साहित्य का कोई मुकाम नहीं हैं: सुरेन्द्र मोहन पाठक

  हिंदी के जाने माने लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक ने यह लेख लिखा है। 60 साल की लेखन यात्रा के…

आईनासाज़:परछाइयां और आहटें पकड़ने का अजब खेल

  अनामिका के उपन्यास ‘आईनासाज़’ की कथा को लेकर बहुत लिखा गया है लेकिन उसके विजन को लेकर बात कम…

बेवफ़ा नायिकाओं का वफ़ादार उपन्यासकार दत्त भारती

  फ़िल्म ‘प्यासा’ एक ऐसे शायर की कहानी है जो अपनी पहचान बनाने की जद्दोजहद में है। असल में, इस…

विवाह को ‘जीवन बीमा’ कहने वाली लेखिका प्रियंवदा देवी

    सुरेश कुमार हिंदी के नवजागरणकालीन साहित्य से जुड़े अछूते विषयों, भूले हुए लेखक-लेखिकाओं पर लिखते रहे हैं। आज…

प्रमोद द्विवेदी की कहानी  ‘पिलखुआ की जहाँआरा’

‘जनसत्ता’ के फ़ीचर एडिटर रहे प्रमोद द्विवेदी ने अपने कथाकार रूप के प्रति उदासीनता बरती नहीं तो वे अपनी पीढ़ी…

उर्मिला शिरीष की कहानी ‘बिवाइयाँ’

  उर्मिला शिरीष 1980-90 के दशक की पढ़ी जाने वाली लेखिका रही हैं। मेरे मेल पर उनकी यह कहानी आई…

कलीमुद्दीन अहमदः अँगरेज़ी के प्रोफेसर, उर्दू के सबसे बड़े आलोचक

पटना कॉलेज, पटना में अंग्रेज़ी के प्रोफ़ेसर कलीमुद्दीन अहमद को उर्दू के बड़े आलोचकों में गिना जाता है। उनके जीवन,…

पंकज मित्र की कहानी ‘मंगरा मॉल’

  पंकज मित्र हिंदी के वरिष्ठ लेखक हैं और निस्संदेह अपनी तरह के अकेले कथाकार हैं। समाज की विद्रुपताओं पर…

केदारनाथ पाठक: हिन्दी नवजागरण दुर्ग के फाटक

यह लेख उस शख़्सियत पर है जिसकी हिंदी सेवा को भुला दिया गया। लिखा है सुरेश कुमार ने- ==================== सन् 2008 की बात है कि एम.ए. में आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का द्वारा लिखित ‘हिन्दी साहित्य का  इतिहास’ पढ़ते  हुए केदारनाथ पाठक का नाम सुना था. मेरे मन उसी समय इनके संबंध में जानने की इच्छा हुई लेकिन कहीं जानकारी नहीं मिली. इधर, शोधकार्य करते समय नवजागरण कालीन हिन्दी साहित्य की पत्रिकाओं की पुरानी फाइल देखते समय केदारनाथ पाठक का चित्र मिला. इसके बाद इनके संबंध में  जहां थोड़ी बहुत समाग्री मिली नोट करता गाया. यह लेख उसी समाग्री के आधार पर लिखा गया है. नवजागरण काल के इतिहास में भारतेन्दु हरिश्चन्द्र, बालकृष्ण भट्ट, प्रतापनारायण मिश्र, राधाचरण गोस्वामी पंडित बदरीनारायण चैधरी ‘प्रेमघन’ और बाबू श्यामसुन्दर दास आदि विद्वानों ने हिन्दी साहित्य…

ब्राज़ीली लेखक दुइलियू गोम्स की कहानी ‘केला’

आज पोर्तगीज भाषा की एक कहानी पढ़िए जिसे लिखा है ब्राज़ील के युवा लेखक दुइलियू गोम्स ने। अनुवाद किया है…

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