आलोचना का गल्पित पाठSeptember 18, 20121 mins11संजीव कुमार ऐसे आलोचक हैं जिनकी आलोचना-भाषा सर्जनात्मक गद्य का आनंद देती है. यही लेख देखिये- है…ब्लॉग continue Reading..
हाथी के पीछे भौंकते कुत्तेSeptember 13, 20121 mins17हिंदी में गंभीर विमर्श का माहौल खत्म होता जा रहा है, मर्यादाएं टूटती जा रही हैं. अभी…ब्लॉग continue Reading..
लेखन एक जागृत स्वप्न हैSeptember 11, 2012August 6, 20251 mins10 राजेश जोशी के ये विचार प्रीति सिंह परिहार से बातचीत पर आधारित हैं. राजेश जोशी के…ब्लॉग prabhatcontinue Reading..
उनके पास ज्यादा काम नहीं है तभी तो लिखते हैं!September 5, 20121 mins5हमारे समाज, खासकर हिंदी समाज में लेखक नाम की संज्ञा अब भी कोई खास प्रभाव नहीं पैदा…ब्लॉग continue Reading..
खाकर वे सो रहे हैं जागकर हम रो रहे हैंAugust 30, 20121 mins30 ये अशोक वाजपेयी की नई कविताएँ हैं. करीब अर्ध-शताब्दी से अशोक वाजपेयी हिंदी कविता में दूसरी परम्परा…ब्लॉग continue Reading..
कविता-आयोजनों की बहुलता ने फिर से कविता को जेरे-बहस किया हैAugust 28, 20122 mins9कान्हा में प्रकृति के ‘सान्निध्य’ में कवियों के मिलन की चर्चा ने कुछ दूसरा ही रंग पकड़…ब्लॉग continue Reading..
राजेंद्र यादव की कहानी ‘अभिमन्यु की आत्महत्या’August 28, 20121 mins7आज राजेंद्र यादव ८४ साल के हो गए. राजेंद्र यादव मूलतः कथाकार हैं, ‘नई कहानी’ आंदोलन के…ब्लॉग continue Reading..
जा तू पड़ जा प्रेम मेंAugust 26, 20121 mins38तस्लीमा नसरीन मूलतः कवयित्री हैं. कल जब उनकी कविताओं का प्रयाग शुक्ल पाठ कर रहे थे तब…ब्लॉग continue Reading..
विजेंद्र नारायण सिंह का जाना एक अकेले व्यक्ति का जाना नहीं हैAugust 16, 20121 mins5प्रसिद्ध आलोचक विजेंद्र नारायण सिंह को याद कर रही हैं वरिष्ठ कवयित्री रश्मिरेखा– जानकी पुल. ================================================================ हिंदी…ब्लॉग continue Reading..
जवाहरलाल नेहरु का ऐतिहासिक भाषण हिंदी अनुवाद मेंAugust 15, 20121 mins414 अगस्त की रात संविधान परिषद, नई दिल्ली में दिया गया जवाहरलाल नेहरू का भाषण: —————————————————————————————————– बहुत वर्ष हुए, हमने…ब्लॉग continue Reading..