हूँ नहीं उस दृश्य में फिर भी नया हूँ

हेमंत शेष हिंदी कविता की प्रमुख आवाजों में एक हैं. उनकी तीन कविताएँ आपके लिए- जानकी पुल. ============================================================== (ओम निश्चल…

वाल्ट डिज्नी की जीवन-यात्रा हिंदी में

पिछले बरसों में हिंदी के प्रकाशन-जगत में तेजी से बदलाव हुए हैं. हाल के दो उदाहरणों का ध्यान इस सन्दर्भ…

संवेदना को मार रही है अपनी भाषा में अत्याचार की आवाज़ !

असद जैदी का नाम हिंदी कविता में किसी परिचय का मोहताज नहीं है. अपनी स्पष्ट राजनीति, गहरी संवेदना और तेवर…

आपके चारों तरफ बस आईने ही आईने हैं

अरुण प्रकाश एक सशक्त कथाकार ही नहीं थे बल्कि एक संवेदनशील कवि भी थे. आज उनकी दो गजलें और एक…

वे दुनिया से अपनी दुखती रग छुपाकर रखते थे

अरुण प्रकाश ऐसे लेखक थे जो युवा लेखकों से नियमित संवाद बनाये रखते थे. इसलिए उनके निधन के बाद युवाओं…

संवेदना के दर्पण में नॉयपाल

हाल में ही पेंगुइन बुक्स और यात्रा बुक्स ने हिंदी में प्रसिद्ध लेखक वी.एस.नायपॉल की कई पुस्तकों के अनुवाद प्रकाशित…

छुट्टियाँ तो हैं, लेकिन वे इंतज़ार करते हुए चले गए

अरुण प्रकाश हिंदी में बड़ी लकीर खींचने वाले कथाकार ही नहीं थे, एक बेहतरीन इंसान भी थे. उनको याद करते हुए…

एक कहानी नहीं पूरा शोध प्रबंध है ‘भैया एक्सप्रेस’

अरुण प्रकाश की बेमिसाल कहानी ‘भैया एक्सप्रेस’ के बहाने हिंदी कहानी में उनके योगदान को याद कर रहे हों सन्मार्ग–…

क्या ब्लॉग-वेबसाईट पर कॉपीराइट का कानून लागू नहीं होता?

नीलाभ का यह लेख कुछ गंभीर सवालों की तरफ हमारा ध्यान दिलाता है. हाल में ही भारत के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय…

आजकल सच और सपने में कोई फर्क ही नहीं लगता!

वंदना शुक्ल की कविताएँ बिना किसी भूमिका के. ये कविताएँ खुद अपनी भूमिका हैं और परिचय भी. गहरी संवेदना की…

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