विजेंद्रनारायण सिंह को जनवादी लेखक संघ की श्रद्धांजलि

प्रेस विज्ञप्ति जनवादी लेखक संघ हिंदी के जाने माने आलोचक प्रो. विजेंद्रनारायण सिंह के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त…

यह हमारा स्वयं का चुना हुआ भ्रम है

आज वंदना शुक्ल की कविताएँ– जानकी पुल.  (१) भ्रम बहुत ऊँचाइ पे बैठी कोई खिड़की  बुहार देती हैं उन सपनों…

प्रभात रंजन की कविताएँ

  ये मेरी कविताएँ नहीं हैं, बल्कि ६०-७० के दशक के प्रसिद्ध कवि प्रभात रंजन की कविताएँ हैं. मेरे जन्म…

अपुन का मंटो: पाकदिल, सियाहक़लम, अपूर्व, अप्रतिम, अखंड

रविकांत मूलतः इतिहासकार हैं लेकिन साहित्य की गहरी समझ रखते हैं. मंटो की जन्मशताब्दी के अवसर पर उनका एक यादगार…

क्या है ‘फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे’ ?

प्रकाशन के साल भर के भीतर जिसकी तीन करोड़ से अधिक प्रतियाँ बिक गई, तकरीबन चालीस देशों में जिसके प्रकाशन-अधिकार…

बहुत से भारतीय भाषाओं के लेखक भारतीय अंग्रेजी लेखकों से भी ज्यादा पहचाने जाते हैं

 अर्शिया सत्तार भारत और अंतरराष्ट्रीय लेखकों के लिए स्थापित संगम हाउस रेजीडेंसी के संस्थापकों में से एक हैं। यूनिवर्सिटी आव…

मनीषा कुलश्रेष्ठ की कहानी ‘खर पतवार’

मनीषा कुलश्रेष्ठ किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं. हमारे दौर की इस प्रमुख लेखिका का हाल में ही कथा-संग्रह आया…

हेमिंग्वे की कहानी: ‘एक लेखिका लिखती है’

आज 21 जुलाई को जन्मदिन है अर्नेस्ट हेमिंग्वे का. नोबेल पुरस्कार विजेता अमेरिकी लेखक अर्नेस्ट हेमिंग्वे  ने दुनिया भर की…

वे पेन किलर भी थे और स्लिपिंग पिल्स भी

राजेश खन्ना को  ‘प्रभात खबर’ के पत्रकार पुष्य मित्र  की यह श्रद्धांजलि पसंद आई तो आपसे साझा कर रहा हूं-…

गुवाहाटी के गले से चीख निकली है

युवा कवि त्रिपुरारि कुमार शर्मा की कविता. इसके बारे में अलग से कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है, कविता अपने…

जानकी पुल को सहयोग करें

Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी