हम शहीदाने वफ़ा का दीनों ईमाँ और है

शहीद रामप्रसाद बिस्मिल के जीवन के कुछ प्रसंगों को आधार बनाकर युवा लेखिका विपिन चौधरी ने एक नाटक लिखा है…

रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ की आत्मकथा का अंश

आज अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल का जन्मदिन है. बिस्मिल उन क्रांतिकारियों में थे जिन्होंने अपनी आत्मकथा लिखी थी. प्रस्तुत है…

जो कलाकार सच्चा है वह चट्टान की तरह खड़ा रहेगा

समकालीन भारतीय चित्रकला के एक तरह से पर्याय सरीखे रहे मकबूल फ़िदा हुसैन का पिछले साल आज की रात ही…

हिंदी लेखकों का गुस्सा क्या अपने अहं की तुष्टि तक ही होता है?

अभी इतवार को प्रियदर्शन का लेख आया था, जिसमें गौरव-ज्ञानपीठ प्रकरण को अधिक व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखने का आग्रह किया…

‘कथा’ पत्रिका का पुनर्प्रकाशन

‘कथा’ पत्रिका का नाम आते ही मार्कंडेय जी याद आते हैं. यह खुशी की बात है कि उनकी मृत्यु के…

‘किस्मत’ आज भी एक प्रासंगिक फिल्म है

ज्ञान मुखर्जी की फिल्म ‘किस्मत’ १९४० में रिलीज हुई थी. इसे हिंदी का पहला ‘ब्लॉकबस्टर मूवी’ कहा जाता है. उस…

हिंदी के वरिष्ठ लेखक सार्वजनिक बयान देने से क्यों बचते-डरते है?

ज्ञानपीठ-गौरव प्रकरण में खूब बहस चली, आज भी चल रही है. आशुतोष भारद्वाज ने उस प्रकरण के बहाने हिंदी लेखक…

वे लेखक महान हैं जिनके अंत के साक्षी विष्णु जी हैं!

पिछले दिनों विष्णु खरे का एक पत्र ‘जनसत्ता’ में छपा था. उस पत्र का यह प्रतिवाद लिखा है हमारे दौर…

क्या संस्थाएं लेखन की मौलिकता और लेखक की अस्मिता से बड़ी हो गई हैं?

गौरव-ज्ञानपीठ प्रकरण में निर्णायक मंडल का मत एक महत्वपूर्ण पहलू है. क्या हिंदी के गणमान्य महज अपमानित होने के लिए…

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