\’किस्मत\’ आज भी एक प्रासंगिक फिल्म हैMay 31, 20121 mins0ज्ञान मुखर्जी की फिल्म \’किस्मत\’ १९४० में रिलीज हुई थी. इसे हिंदी का पहला \’ब्लॉकबस्टर मूवी\’ कहा… prabhatcontinue Reading..
‘किस्मत’ आज भी एक प्रासंगिक फिल्म हैMay 31, 20121 mins10ज्ञान मुखर्जी की फिल्म ‘किस्मत’ १९४० में रिलीज हुई थी. इसे हिंदी का पहला ‘ब्लॉकबस्टर मूवी’ कहा…ब्लॉग continue Reading..
क्या \’पुंडलीक\’ भारत की पहली फीचर फिल्म थी?May 30, 20124 mins0१९१२ में बनी फिल्म \’पुंडलीक\’ क्या भारत की पहली फीचर फिल्म थी? दिलनवाज का यह दिलचस्प लेख… prabhatcontinue Reading..
क्या ‘पुंडलीक’ भारत की पहली फीचर फिल्म थी?May 30, 20124 mins4१९१२ में बनी फिल्म ‘पुंडलीक’ क्या भारत की पहली फीचर फिल्म थी? दिलनवाज का यह दिलचस्प लेख…फिल्म समीक्षा continue Reading..
मुक्तिबोध की एक आरंभिक कहानी \’सौन्दर्य के उपासक\’May 29, 20121 mins0मगहिवि के वेबसाईट हिंदी समय को देख रहा था तो अचानक मुक्तिबोध की १९३५ में प्रकाशित इस… prabhatcontinue Reading..
मुक्तिबोध की एक आरंभिक कहानी ‘सौन्दर्य के उपासक’May 29, 2012August 1, 20201 mins35मगहिवि के वेबसाईट हिंदी समय को देख रहा था तो अचानक मुक्तिबोध की १९३५ में प्रकाशित इस…कथा-कहानी continue Reading..
‘लोकप्रिय’ शब्द सुनते ही बौद्धिक वर्ग के कान खड़े हो जाते हैंMay 28, 20123 mins4हिंदी में लोकप्रिय साहित्य के अध्ययन विश्लेषण के कम ही प्रयास हुए हैं. आम तौर पर उनको… continue Reading..
अपनी निंदा छापने के लिए साहस चाहिएMay 27, 20121 mins8आज जनसत्ता में अपने ‘कभी-कभार’ छपने वाले स्तंभ ‘अनंतर’ में संपादक ओम थानवी ने उस बहस पर… continue Reading..
हिंदी के वरिष्ठ लेखक सार्वजनिक बयान देने से क्यों बचते-डरते है?May 27, 20121 mins0ज्ञानपीठ-गौरव प्रकरण में खूब बहस चली, आज भी चल रही है. आशुतोष भारद्वाज ने उस प्रकरण के… prabhatcontinue Reading..
हिंदी के वरिष्ठ लेखक सार्वजनिक बयान देने से क्यों बचते-डरते है?May 27, 20121 mins6ज्ञानपीठ-गौरव प्रकरण में खूब बहस चली, आज भी चल रही है. आशुतोष भारद्वाज ने उस प्रकरण के…ब्लॉग continue Reading..