मौन-सा अपने ही लोगों का करैक्टर हो गया.

वीकेंड  कविता में इस बार प्रस्तुत है व्यंग्य-कवि संजय गौतम की गज़लें. काका हाथरसी की तर्ज़ पर उनका अनुरोध है…

रोहिंटन मिस्त्री के उपन्यास में आखिर ऐसा क्या है?

आखिर भारतीय मूल के कनाडाई लेखक रोहिंटन मिस्त्री के उपन्यास ‘सच ए लांग जर्नी’  में ऐसा क्या है कि शिव…

गोपाल सिंह नेपाली की कुछ भूली-बिसरी कविताएँ

 अगला साल हिंदी के उपेक्षित कवि गोपाल सिंह नेपाली की जन्मशताब्दी का साल है. इसको ध्यान में रखते हुए उनकी…

शायरों-अदीबों की गली बल्लीमारान

बरसों पहले गुलज़ार ने एक टीवी धारावाहिक बनाया था ‘ग़ालिब’. उसके शीर्षक गीत में उन्होंने चूड़ीवालान से तुक मिलाते हुए…

गुल तो बहुत हैं मगर एक थे लेखक गुलशन नंदा

कहते हैं गुलशन नंदा ऐसा लेखक था जिसने जासूसों को प्रेम की भूल-भुलैया में भटका दिया. गुलशन नंदा के लेखक…

हिन्दी के क्रियोलीकरण के विरुद्ध

प्रसिद्ध पत्रकार राजकिशोर का यह लेख हिंदी भाषा के संकटों की चर्चा करता है. कुछ साल पहले लेखक यु. आर.…

मुल्ला पंडित संत सयाने सब हमको समझाने आए

सैयद ज़मीर हसन दिल्ली के जेहनो-जुबान के सच्चे शायर हैं. उनकी शायरी में केवल दिल्ली की रवायती जुबान का रंग…

दिनकर की कविताएँ अज्ञेय की पसंद

२०११ में अज्ञेय की जन्म-शताब्दी है. इसी को ध्यान में रखते हुए सस्ता साहित्य मंडल प्रकाशन ने अज्ञेय संपादित एक…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी