थोडी हकलाहट थोडी सी बेबाकी

आज राकेश श्रीमाल की कविताएँ. संवेदनहीन होते जाते समय में उनकी कविताओं की सूक्ष्म संवेदनाएं हमें अपने आश्वस्त करती हैं…

इंसान अपने आप में कितना सिमट गया

शिव कृष्ण बिस्सा मशहूर शायर शीन काफ निजाम के नाम से जाने जाते हैं. सूफियाना अंदाज़ के इस शायर की…

मार्केज़ के एक इंटरव्यू का हिंदी अनुवाद

गाब्रियल गार्सिया मार्केज़ के साथ पीटर एच. स्टोन की बातचीत का सम्पादित अंश   जिसका अनुवाद मैंने किया है- प्रभात…

लोग मृत्यु को गंभीरता से लेते हैं

चीन में लाओत्से के के विचारों की बड़ी मान्यता थी. कहते हैं वह कन्फ्यूशियस का समकालीन था. जब उसने अपने…

नजीर अकबराबादी के जीवन पर आधारित एक दुर्लभ उपन्यास

जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा को वैसे तो जासूसी उपन्यासों के लेखक के रूप में जाना जाता है, जिसको हिंदी का…

75 साल का बच्चा स्वामी और उसके दोस्त

भारतीय अंग्रेजी के आरंभिक उपन्यासों में से एक ‘स्वामी एंड फ्रेंड्स‘ के प्रकाशन के 75 साल हो गए. लेकिन उसका…

दिलीप कुमार के पाकिस्तानी दीवाने

हाल में ही पाकिस्तान के पत्रकार सईद अहमद की किताब आई है ‘दिलीप कुमार: अहदनामा-ए-मोहब्बत’. इसको पढ़ने से पता चलता…

भुवनेश्वर की अंग्रेजी कविताएँ शमशेर का हिंदी अनुवाद

भुवनेश्वर ने कुछ कविताएँ अंग्रेजी में लिखी थी. बाद में जिनका हिंदी अनुवाद शमशेर बहादुर सिंह ने किया. दोनों शताब्दी…

‘एब्सर्ड’ लेखक भुवनेश्वर की कुछ दुर्लभ कविताएँ

१९१० में पैदा हुए भुवनेश्वर की यह जन्मशताब्दी का साल है. ‘भेडिये’ जैसी कहानी और ‘ताम्बे के कीड़े’ जैसे ‘एब्सर्ड’…

मुझे तुम शोहरतों के दरमियाँ गुमनाम लिख देना

  इस बार वीकेंड कविता में प्रस्तुत हैं जुबेर रज़वी की गज़लें. नज्मों-ग़ज़लों के मशहूर शायर जुबेर रज़वी किसी परिचय…

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