नियति का अर्थ है पैतृकता की पहचानMay 30, 2020May 30, 20201 mins13 कैलाश दहिया आजीवक विचारक हैं और अपने इस लेख में उन्होंने नियति के सिद्धांत पर… continue Reading..
बेगम समरु और दिल्ली का इतिहासMay 30, 20201 mins591हाल में राजगोपाल सिंह वर्मा की किताब आई ‘बेगम समरु का सच’। संवाद प्रकाशन से आई यह… continue Reading..
दिल्ली की सूफी दरगाहें और दिलों के राहत का सामानMay 29, 20201 mins4आजकल दिल्ली में सड़कों पर दरबदर भटकते इंसान दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में दिल्ली की सूफ़ी… continue Reading..
‘मुझे चाँद चाहिए’ पढ़ते हुए कुछ कविताएँMay 29, 2020October 28, 20241 mins16 मुझे याद है बीसवीं शताब्दी के आख़िरी वर्षों में सुरेन्द्र वर्मा का उपन्यास ‘मुझे चाँद चाहिए’…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
लॉकडाउन की इंग्लैंड डायरीMay 28, 20201 mins2प्रज्ञा मिश्रा इंग्लैंड में रहती हैं और वहाँ के लॉकडाउन अनुभवों को उन्होंने दर्ज करके भेजा है।… continue Reading..
फ़िल्म गाइड की कहानी आर के नारायण की ज़ुबानीMay 28, 20201 mins7अभी दो दिन पहले मैंने वहीदा रहमान से बातचीत पर आधारित नसरीन मुन्नी कबीर की किताब के… continue Reading..
अनघ शर्मा की कहानी अब यहाँ से लौट कर किधर जायेंगे!May 27, 20201 mins32अनघ शर्मा युवा लेखकों में अपनी अलग आवाज़ रखते हैं। भाषा, कहन, किस्सागोई सबकी अपनी शैली है… continue Reading..
दुष्यंत बहुत ही फक्कड़, उन्मुक्त लेकिन बहुत सुसंस्कृत व्यक्ति था – कमलेश्वरMay 26, 20201 mins2दुष्यंत कुमार वरिष्ठ कथाकार कमलेश्वर के अभिन्न मित्र थे।दुष्यंत के नहीं रहने के बाद कमलेश्वर ने अपनी बिटिया… continue Reading..
सजी थी बज़्म, मगर टूट गया साज़ का तारMay 25, 20201 mins1पं जश करण गोस्वामी एक मूर्घन्य सितार वादक थे. राजस्थान संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार एवं एम0 पी0… continue Reading..
ईद पर सुहैब अहमद फ़ारूक़ी की ग़ज़लेंMay 25, 2020May 25, 20201 mins1आज ईद है। मुझे कल चाँद दिखते ही ईदी मिल गई थी। भाई सुहैब अहमद फ़ारूक़ी ने… continue Reading..