‘कविता शुक्रवार’ ने फ़िलहाल विराम लिया है। नए साल में दुबारा शुरू होगा। राकेश श्रीमाल उसकी तैयारी में लगे हैं।…
प्रतिभा कटियार की कहानी ‘विश्वदीपक’
प्रतिभा कटियार की कहानी पढ़िए। प्रतिभा कटियार – लखनऊ में जन्मी, पली-बढ़ी। राजनीति शास्त्र में एम ए, एलएलबी, पत्रकारिता…
जब दर्द नहीं था सीने में तब ख़ाक मज़ा था जीने में!
शायर और पुलिस अधिकारी सुहैब अहमद फ़ारूक़ी कोविड 19 से संक्रमित होकर आइसोलेशन में हैं। वहाँ से उन्होंने यह मार्मिक…
रानी रूपमती ने बाँची अपनी कथा: ‘रानी रूपमती की आत्मकथा’
वरिष्ठ लेखक प्रियदर्शी ठाकुर ‘ख़याल’ का उपन्यास आया है ‘रानी रूपमती की आत्मकथा’। राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित इस उपन्यास पर…
वीरेन्द्र प्रसाद की कुछ नई कविताएँ
भा.प्र.से. से जुड़े डॉ. वीरेन्द्र प्रसाद अर्थशास्त्र एवं वित्तीय प्रबंधन में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। वे पशु चिकित्सा…
‘राजनटनी’ उपन्यास की काव्यात्मक समीक्षा
हाल में गीताश्री का उपन्यास ‘राजनटनी’ प्रकाशित हुआ है, जिसकी काव्यात्मक समीक्षा की है यतीश कुमार ने- ================================= राजनटनी 1.…
बदलते समय के सांस्कृतिक क्षरण की दो कहानियां
कथाकार-उपन्यासकार संतोष दीक्षित ने इस लेख में रेणु जी की कहानी ‘रसप्रिया’ और मनोज रुपड़ा की कहानी ‘साज़-नासाज़’ के बहाने…
बहुरुपिये राक्षस और दो भाइयों की कथा: मृणाल पाण्डे
‘बच्चों को न सुनाने लायक बाल कथायें’ सीरिज़ की यह 20 वीं कथा है। इस सीरिज़ में प्रसिद्ध लेखिका मृणाल…
कविता शुक्रवार 20: निशांत की कविताएँ सोनम सिकरवार के चित्र
‘कविता शुक्रवार’ की इस बीसवीं प्रस्तुति में युवा कवि निशांत की कविताएं और सोनम सिकरवार के चित्र हैं। वर्ष 2008…
‘ख़ानाबदोश’ की काव्यात्मक समीक्षा
पंजाबी की प्रसिद्ध लेखिका अजीत कौर की आत्मकथा ‘ख़ानाबदोश’ की काव्यात्मक समीक्षा की है यतीश कुमार ने। आप भी आनंद…



