पिछले दिनों प्रकाशन जगत की प्रतिष्ठित पत्रिका ‘ऑल अबाउट बुक पब्लिशिंग’ मैंने अंग्रेज़ी के एक प्रमुख प्रकाशन के प्रतिनिधि का…
किताबों के विज्ञापन और हमारे मूर्धन्य लेखक
युवा शोधकर्ता सुरेश कुमार के कई लेख हम पढ़ चुके हैं। इस बार उन्होंने इस लेख में अनेक उदाहरणों के…
कोरोना के समय में गंगा से बातें
संवाद अनुवाद के माध्यम से भी होता है। रेखा सेठी का यह अनुवाद पढ़िए उनकी भूमिका के साथ- मॉडरेटर ==================================…
प्रवीण कुमार झा की कहानी ‘स्लीपर सेल’
बहुत कम लेखक होते हैं जो अनेक विधाओं में लिखते हुए भी प्रत्येक विधा की विशिष्टता को बनाए रख सकते…
मौत को नज़र चुरा कर नहीं नज़र मिला कर देखें
लॉकडाउन डायरी आज भेजी है ब्रिटेन से प्रज्ञा मिश्रा ने। मृत्यु और दुनिया भर की क़ब्रों को लेकर लिखा गया…
जन्नत, दोज़ख़ और पाताललोक
सुहैब अहमद फ़ारूक़ी पुलिस अधिकारी हैं, शायर हैं। वेब सीरिज़ पाताललोक पर उनकी कहानी पढ़िए। मुझे पाताललोक देखने की सलाह…
सुमेर सिंह राठौड़ की लॉकडाउन डायरी
सुमेर सिंह राठौड़ पक्के न्यू एज राइटर हैं। न्यू एज राइटर से मेरा मतलब यह नहीं है कि जो कैम्पस पर…
विवाह को ‘जीवन बीमा’ कहने वाली लेखिका प्रियंवदा देवी
सुरेश कुमार हिंदी के नवजागरणकालीन साहित्य से जुड़े अछूते विषयों, भूले हुए लेखक-लेखिकाओं पर लिखते रहे हैं। आज…
प्रमोद द्विवेदी की कहानी ‘पिलखुआ की जहाँआरा’
‘जनसत्ता’ के फ़ीचर एडिटर रहे प्रमोद द्विवेदी ने अपने कथाकार रूप के प्रति उदासीनता बरती नहीं तो वे अपनी पीढ़ी…
अपनी सही चमक जानने वाला तारा बनना है!
देवेश पथ सारिया ताइवान के एक विश्वविद्यालय में शोध छात्र हैं, और हाल के दिनों में सभी प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं, वेबसाइट्स-ब्लॉग्स…



