खिड़की के पल्ले के बाहर झींगुरों की आवाज़ अभी भी आ रही है: रस्किन बॉन्ड

19 मई को महान लेखक रस्किन बॉन्ड 86 साल के हो जाएँगे। आज इंडियन एक्सप्रेस में उनसे बातचीत के आधार…

जेंडर गैरबराबरी का आईना कोविड- 19

कोविड-19 के काल में घरेलू हिंसा का पहलू उभरकर आ रहा है। इसके ऊपर यह विश्लेषणपरक लेख लिखा है मधु…

उर्मिला शिरीष की कहानी ‘बिवाइयाँ’

  उर्मिला शिरीष 1980-90 के दशक की पढ़ी जाने वाली लेखिका रही हैं। मेरे मेल पर उनकी यह कहानी आई…

 जी. एस. पथिक : नवजागरण का स्त्री पक्ष

सुरेश कुमार युवा हैं, शोध छात्र हैं। इनको पढ़ते हुए, इनसे बातें करते हुए रोज़ कुछ नया सीखता हूँ। 19…

दिल की दहलीज़ प’ बैठी है कोई शाम उदास

सुहैब अहमद फ़ारूक़ी ज़िम्मेदार पुलिस अधिकारी हैं और शायर हैं। उनका यह सफ़र 25 साल का हो चुका है। उन्होंने…

लॉकडाउन के दिनों में ट्रेवेलॉग के बारे में

मानव कौल की किताब ‘बहुत दूर कितना दूर होता है’ की समीक्षा प्रस्तुत है। हिंद युग्म से प्रकाशित इस पुस्तक…

युवा शायर त्रिपुरारि की नज़्म ‘फ़र्ज़’

समकालीन दौर के प्रतिनिधि शायरों में एक त्रिपुरारि की यह मार्मिक नज़्म पढ़िए- मॉडरेटर ======= फ़र्ज़ –    यही है…

समयोत्तर स्मृतियों की यात्रा-डायरी: प्रदीपिका सारस्वत

युवा लेखिका प्रदीपिका सारस्वत की यह यात्रा डायरी प्रस्तुत है- ============== उस पगडंडीनुमा सड़क पर चलते-चलते मैं अचानक नदी की…

प्रवीण कुमार झा की कहानी ‘जामा मस्जिद सिंड्रोम’

प्रवीण कुमार झा का लेखन कई बार हैरान कर जाता है। अनेक देशों, मेडिकल के पेशे के अनुभवों को जब…

युवा शायर #27 महेंद्र कुमार ‘सानी’ की ग़ज़लें

युवा शायर सीरीज में आज पेश है महेंद्र कुमार ‘सानी’ की ग़ज़लें। पढ़िए और लुत्फ़-अंदोज़ होइए – त्रिपुरारि =============================================================== ग़ज़ल-1  काम…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी