मनोहर श्याम जोशी से वह मेरी पहली मुलाकात थीAugust 9, 20141 mins14आज मनोहर श्याम जोशी जीवित होते तो 81 साल के होते. उनकी स्मृति को प्रणाम करता हूँ… continue Reading..
क्या सचमुच अच्छे अनुवादक नहीं हैं?August 9, 20141 mins34सी-सैट को समाप्त करने के लिए युवाओं के आन्दोलन के पीछे एक बड़ा तर्क अनुवाद के सम्बन्ध… continue Reading..
भयावह फिल्मों का अनूठा संसारAugust 8, 20141 mins11प्रचण्ड प्रवीर विश्व सिनेमा पर सीरिज लिख रहे हैं. यह दूसरी क़िस्त है ‘हॉरर’ फिल्मों पर. इस… continue Reading..
प्राण के निधन के साथ हम सबका बचपन हमसे छिन गयाAugust 6, 20141 mins155चाचा चौधरी, साबू, श्रीमती जी, पिंकी, चन्नी चाची और राका जैसे किरदारों के रचयिता कार्टूनिस्ट प्राण के… continue Reading..
दलाल की बीवी की आंखेंAugust 4, 20141 mins6कुछ लेखक परम्परा निर्वाह करते हुए लिखते हैं, कुछ अपनी परम्परा बनाने के लिए. रवि बुले ऐसे… continue Reading..
कुछ इज़रायली कविताएँ प्रभात रंजन के अनुवाद मेंAugust 3, 2014August 4, 20201 mins13इजरायल के कुछ कवियों की कविताओं के मैंने अनुवाद किये थे. आज उनमें से कुछ ‘दैनिक हिंदुस्तान’… continue Reading..
मुखौटा इंसान की सबसे बड़ी ज़रूरत हैAugust 2, 20141 mins114कुछ कवि ऐसे होते हैं जिनको न ईनाम-इकराम मिलते हैं, न कविगण उनको अपनी जमात का मानते… continue Reading..
प्रेमचंद का ख़त सज्जाद जहीर के नामJuly 31, 2014July 31, 20181 mins33प्रेमचंद का यह पत्र सज्जाद ज़हीर के नाम है जिसमें प्रगतिशील लेखक संघ की बातें हो रही… continue Reading..
भारतीय दृष्टिकोण से विश्व सिनेमा का सौंदर्यशास्त्रJuly 30, 20141 mins9युवा लेखक प्रचण्ड प्रवीर ने विश्व सिनेमा पर यह श्रृंखला शुरू की है. विश्व सिनेमा को समझने-समझाने… continue Reading..
राकेश तिवारी की कहानी ‘अंजन बाबू हँसते क्यों हैं’July 29, 20141 mins380-90 के दशक में जब दिल्ली विश्वविद्यालय में पढता था तो जिन कथाकारों की कहानियां पढने में… continue Reading..