साहित्यकरवा सब फ्रॉड है!July 28, 20141 mins7शीर्षक से कुछ और मत समझ लीजियेगा. असल में यह एक मारक व्यंग्य लेख है. संजीव कुमार… continue Reading..
गाँठ जीवन से जितनी जल्दी निकले उतना अच्छाJuly 27, 20141 mins22ब्रेस्ट कैंसर को लेकर हमने पहले भी कई कवितायेँ पढ़ी हैं, उन कविताओं को लेकर लम्बी-लम्बी बहसों… continue Reading..
यह हिंदी प्रकाशन जगत में नए दौर की शुरुआत है!July 25, 20141 mins10वाणी प्रकाशन की स्थापना के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं. इस मौके पर 26 जुलाई को… continue Reading..
राहुल सिंह का ‘लंचबॉक्स’July 23, 20141 mins10युवा आलोचक राहुल सिंह कई विधाओं में अच्छी दखल रखते हैं, सिनेमा भी उनमें एक है. कुछ… continue Reading..
सवाल ये है कि ‘नीला स्कार्फ’ है क्या?July 22, 20141 mins14इस समय वह हिंदी की एक बड़ी परिघटना है- नीला स्कार्फ. प्री-लांच यानी किताब छपने से पहले… continue Reading..
हृषीकेश सुलभ की कहानी ‘हबि डार्लिंग’July 21, 2014February 15, 20181 mins9हृषीकेश सुलभ बिहार की धरती के सम्भवतः सबसे मौलिक इस रचनाकार ने अपने नाटकों में लोक के रंग… continue Reading..
पीयूष मिश्रा के चुनिन्दा गीतJuly 19, 20141 mins6ऐसे सुहाने मौसम में और नहीं कुछ तो पीयूष मिश्रा के गीतों को ही पढ़ा जाए. 90… continue Reading..
ममता सिंह की कहानी ‘धुंध’July 18, 20141 mins8रेडियोसखी ममता सिंह खूबसूरत कहानियां भी लिखती हैं. अभी हाल में ही एक पत्रिका में उनकी कहानी… continue Reading..
प्रशासनिक सेवाओं में भारतीय भाषाओं के साथ सौतेला व्यवहार क्यों?July 17, 20141 mins5यूपीएससी की परीक्षाओं में भारतीय भाषाओं के साथ भेदभाव को लेकर चल रहे आन्दोलन पर सरकारी आश्वासन… continue Reading..
मधुकर सिंह सचमुच जनता के लेखक थेJuly 16, 20141 mins3मैं आरा को नहीं धरहरा, आरा को जानता था, क्योंकि वहां मधुकर सिंह रहते थे. अपने गाँव… continue Reading..