स्पैनिश भाषा के महान लेखक गैब्रिएल गार्सिया मार्केज़ के मरने के बाद हिंदी में कई बहुत अच्छे लेख लिखे गए,…
गागर में मौलिक स्थापनाओं का सागर
पिछले सप्ताह कवि-आलोचक, ‘समास’ जैसी कल्पनाशील पत्रिका के संपादक उदयन वाजपेयी का लेख नई सरकार की संस्कृति नीति को लेकर…
उजाले अब अँधेरे हुए जा रहे हैं
मेरे मेल बॉक्स में अनजान पतों से अच्छी-बुरी रचनाएँ आती रहती हैं. जिनको पढ़कर समकालीन सृजनशीलता का अंदाजा लगता है.…
माया एंजेलो की कुछ कविताएँ
माया एंजेलो को श्रद्धांजलि स्वरुप उनकी कुछ कविताएं. अनुवाद सरिता शर्मा ने किया है. उनका लिखा एक संक्षिप्त परिचय भी-…
ख्वाजा अहमद अब्बास को याद करते हुए
सोद्देश्य सिनेमा को समर्पित फिल्म लेखक, निर्देशक ख्वाजा अहमद अब्बास की यह जन्मशताब्दी का साल है. उनकी लेखन-कला, उनकी…
क्या जवाहरलाल नेहरु आस्तिक थे?
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु के बारे में यह आम धारणा है कि वे वैज्ञानिक सोच वाले थे, पूर्ण…
नेहरु ने भारत को आत्मविश्वासी राष्ट्र बनाया!
आज भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु की मृत्यु के पचास साल हो गए. उनके विचारों, उनके कार्यों को याद…
मध्यवर्ग को मसीहा का इंतज़ार है!
पवन के. वर्मा की नई पुस्तक आई है ‘भारत का नया मध्य-वर्ग’. इस पुस्तक में उन्होंने भारतीय जनतंत्र में बदलावों…
शायद कुछ नया होने वाला है
हिंदी के वरिष्ठ कवि, ‘समास’ जैसी गहन विचार-पत्रिका के संपादक, भारतीयता के विचारक उदयन वाजपेयी का यह लेख आज ‘जनसत्ता’ में…
सूर्योदय हो रहा है मेरी भौंहों की घाटी बीच
महाराष्ट्र में नेरुर पार के एक तटवर्ती गांव में 1946 में जन्मे श्री प्रभाकार कोलते स्वातन्त्र्योत्तर भारत में आधुनिक अमूर्त-कला…



