चौथा और पाँचवाँ वैद सम्मान क्रमशः प्रभात त्रिपाठी और गीतांजलि श्री को दिये जाने की घोषणा हुई है। यह सम्मान…
मंगलेश डबराल और ‘नए युग में शत्रु’
मंगलेश डबराल से आप कितनी भी दूर चले जाएँ उनकी कवितायें आपको अपने पास खींच लेती हैं।हाल में ही उनका…
भारतीय समाज फ़ासीवाद के मुहाने पर खड़ा है
जब-जब कट्टरतावादी ताक़तें ज़ोर पकड़ती हैं सबसे पहले अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला होता है। अभी हाल में ही पुस्तक…
लेखक को बेस्टसेलर की अभिलाषा से मुक्त होना चाहिये
हमारी कोशिश है कि हिन्दी में बेस्टसेलर को लेकर हर तरह के विचार सामने आएं। पहले के दो लेखों में…
क्या हिंदी में बेस्टसेलर हैं ही नहीं?
हिन्दी में बेस्टसेलर को लेकर ‘हिन्दी युग्म’ की तरफ से पुस्तक मेले में 20 फरवरी को परिचर्चा का आयोजन किया…
बच्चों के लिए लिखना रचनात्मक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण कार्य है।
इस बार विश्व पुस्तक मेला का थीम बाल साहित्य है। लेकिन यह दुर्भाग्य की बात है कि हम हिन्दी वाले…
बुलेट की अराजकता में एक लय है
बचपन से बुलेट मोटरसाइकिल की ऐसी छवि दिमाग में बनी कि बुलेट का नाम आते ही सिहरन सी होने लगती…
‘हमलोग’ उपन्यास के रूप में आ रहा है
‘हमलोग’ अब उपन्यास के रूप में सामने आ रहा है। उसके एपिसोड्स तो ऑनलाइन भी नहीं मिलते। जानकार सचमुच रोमांच…
शिरीष कुमार मौर्य की कविताएं
हिन्दी के समकालीन कवियों में कुछ कवि ऐसे हैं जिनकी कविताओं में मैं अपनी आवाज पाता हूँ। कई बार सोचता…
किताबें, किताबों की दुनिया, किताबों का मेला
आज विश्व पुस्तक मेले की शुरुआत हो रही है। इस मौके पर किताबों के आकर्षण, उसकी दुनिया, कनवरजेंस के दौर…



