युवा पत्रकार-लेखक पुष्यमित्र ने हाल में ही कोलकाता की यात्रा की और उस यात्रा का एक रोचक वृत्तान्त लिखा। आपके…
भेड़चाल और हुआं-हुआं
आज कुछ कवितायें अनुराग अन्वेषी की। अखबार में शब्दों का सम्पादन करने वाले अनुराग अपनी कविताओं में भावनाओं का सम्पादन…
यह किताब बदलते परिवेश और इच्छाओं का डॉक्यूमेंट है
कल पंकज दुबे के उपन्यास ‘लूजर कहीं का’ का दिल्ली लांच था। एक तीसरे दर्जे के अभिनेता ने उस उपन्यास…
उड़ना नहीं सीखा था मैंने अपनी माँ की कोख में
डीपीएस पुणे में कक्षा छह में पढ़ने वाले अमृत रंजन ने हमें अपनी कवितायें भेजी तो मैं थोड़ा विस्मित हुआ।…
फिल्म का बनना एटनबरो की मुहब्बत की विजय भी थी
आज महात्मा गांधी को याद करने का दिन है। रिचर्ड एटनबरो ने उनके ऊपर फिल्म बनाई थी। उस फिल्म पर…
‘अपने अपने अज्ञेय’ निस्संदेह विरल और औपन्यासिक है
अज्ञेय के जन्मशताब्दी वर्ष में उनके मूल्यांकन-पुनर्मूल्यांकन के अनेक प्रयास हुए। अनेक पुस्तकें उस साल आई। लेकिन सबसे यादगार पुस्तक…
क्या रवीन्द्रनाथ को बांग्ला का शिवराम कारंत कहना चाहिए?
आज रामचंद्र गुहा के इस लेख को पढ़कर लगा कि हम दुनिया जहान के लेखकों के बारे में तो खूब जानते हैं,…
रंजन क्या विद्रोही होंगे, ख़ाक करेंगे बलवा
गणतन्त्र दिवस की सुबह जलेबी खाकर अच्छी-अच्छी रचनाएँ पढ़ने का अपना सुख है। आज सुबह दुनिया के सबसे पुराने कहे…
स्वाति अर्जुन की कविताएं
स्वाति अर्जुन कवितायें कम लिखती हैं, लेकिन एक निश्चित सोच के साथ लिखती हैं। कविता महज शब्दों की सज्जा नहीं…
प्रेम कहानियाँ, पीढ़ियाँ, संगीत, कवितायें, ग़जलें, प्रेम पत्र और एक उपन्यास
Lovers Like you and I– यह पहला उपन्यास था जो इस साल मैंने पढ़ा था। पढ़कर गहरे अवसाद से भर…



