यह चुपचाप चलता हुआ षडयंत्र है

तुषार धवल मेरे समकालीन कवि हैं, ऐसे समकालीन जिनकी तरह आरंभ में मैं लिखने की कोशिश करता था- कविताएं। इधर…

नहीं बनी कोई कविता आज सुबह की यंत्रणा के बाद

आज पंखुरी सिन्हा की कविताएं। पंखुरी की पहचान एक कथाकार की रही है। लेकिन हाल के वर्षों में उन्होने कविता…

चौरी चौरा का विद्रोह और स्वाधीनता आंदोलन

चौरी चौरा का महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन के संदर्भ में बहुत महत्व है। इस घटना के आधार पर लोगों…

केदारनाथ सिंह हमारी भाषा के मीर तकी मीर हैं

80 साल की उम्र में केदारनाथ सिंह का आठवाँ कविता संग्रह आया है- ‘सृष्टि पर पहरा’। अपनी जमीन पर इतनी…

एक अदभुत प्यार की कहानी: चार्ली चैपलिन की फिल्म ‘सिटी लाइट्स’

चार्ली चैपलिन की फिल्म ‘सिटी लाइट्स’ पर एक सुंदर लेख लिखा है सैयद एस तौहीद ने- जानकी पुल। ==============================================================  कवित्वमय फिल्मकार…

आलोचना का अर्थ चरित्र हनन नहीं होता

तहलका पत्रिका के संस्कृति विशेषांक में शालिनी माथुर का लेख छपा था ‘मर्दों के खेला में औरत का नाच‘ , जिसमें कुछ…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी