हिंदी में यही बड़ा काम है- कोसना और कोंचना!

‘दैनिक हिन्दुस्तान’ में प्रकाशित सुधीश पचौरी के स्तम्भ ‘तिरछी नजर’ हिंदी में व्यंग्य के लगातार कम होते जाते स्पेस को…

मैथिली भूषण मायानंद मिश्र को श्रद्धांजलि

मैथिली और हिंदी के वयोवृद्ध साहित्यकार 82 वर्षीय मायानन्द मिश्रको ‘मंत्रपुत्र’ के लिए वर्ष 1988 में साहित्य अकादमी द्वारा सम्मानित…

मैथिली भूषण मायानंद मिश्र को श्रद्धांजलि

मैथिली और हिंदी के वयोवृद्ध साहित्यकार 82 वर्षीय मायानन्द मिश्रको ‘मंत्रपुत्र’ के लिए वर्ष 1988 में साहित्य अकादमी द्वारा सम्मानित…

मैथिली भूषण मायानंद मिश्र को श्रद्धांजलि

मैथिली और हिंदी के वयोवृद्ध साहित्यकार 82 वर्षीय मायानन्द मिश्रको ‘मंत्रपुत्र’ के लिए वर्ष 1988 में साहित्य अकादमी द्वारा सम्मानित…

नये सुल्‍तान की सारी दाढि़यां उजली थी

हिंदी में अच्छी राजनीतिक कविताएँ कम पढने को मिलती हैं. युवा कवि रवि भूषण पाठक ने कुछ ऐतिहासिक राज-चरित्रों को…

कवि के साथ: चर्चा-परिचर्चा-कविता

इंडिया हैबिटैट सेंटर द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रम  कवि के साथ  के 9वें आयोजन में आप सबको आमंत्रित करते हुए हमें हार्दिक…

कवि के साथ: चर्चा-परिचर्चा-कविता

इंडिया हैबिटैट सेंटर द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रम  कवि के साथ  के 9वें आयोजन में आप सबको आमंत्रित करते हुए हमें हार्दिक…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी