बन के सब चिल्ला पड़े- धिक्-धिक् है यह कौन!March 9, 20131 mins0नामवर सिंह की हस्तलिपि में मैंने पहली बार कुछ पढ़ा. रोमांच हो आया. इसका शीर्षक भले \’एक… prabhatcontinue Reading..
बन के सब चिल्ला पड़े- धिक्-धिक् है यह कौन!March 9, 20131 mins7नामवर सिंह की हस्तलिपि में मैंने पहली बार कुछ पढ़ा. रोमांच हो आया. इसका शीर्षक भले ‘एक…ब्लॉग continue Reading..
समय चुप रहने का नहीं बल्कि चुप रहकर बोलते जाने का हैMarch 9, 20131 mins11ऋतु कुमार ‘ऋतु’। आप लोगों में से बहुत कम इस नाम से वाकिफ होंगे,उससे भी कम उसकी… continue Reading..
हिंदी के मगध में मौलिकता की कमी नहीं हैMarch 8, 20132 mins6विकासशील समाज अध्ययन पीठ (सीएसडीएस) के भारतीय भाषा कार्यक्रम की तरफ से हिंदी में समाज-विज्ञान के क्षेत्र… continue Reading..
बायरन के शहर में हिंदी का सायरनMarch 5, 20131 mins6ब्रिटेन के शहर नॉटिंघम की संस्था ‘काव्यरंग’ द्वारा आयोजित ‘शब्दों का त्यौहार’ कार्यक्रम की जीवंत रपट प्रस्तुत कर… continue Reading..
खेती-बाड़ी, कलम-स्याही और रेणुMarch 4, 20131 mins8आज हमारी भाषा के विलक्षण गद्यकार फणीश्वरनाथ रेणु का जन्मदिन है. उनको याद करते हुए यह आत्मीय… continue Reading..
नीलेश मिश्रा का \’याद शहर\’ और \’क़िस्सा-ए-फ़ेसबुक\’March 2, 20131 mins0Yaad Sheher with Neelesh Misra … यह हिंदुस्तान के हिंदी भाषी युवा लोगों का पसंदीदा रेडियो शो है।… prabhatcontinue Reading..
नीलेश मिश्रा का ‘याद शहर’ और ‘क़िस्सा-ए-फ़ेसबुक’March 2, 20131 mins6Yaad Sheher with Neelesh Misra … यह हिंदुस्तान के हिंदी भाषी युवा लोगों का पसंदीदा रेडियो शो है।…ब्लॉग continue Reading..
देह का दीपक जला कर एक दूसरे को पढ़ाMarch 1, 20131 mins27प्रयागवासी और मुंबई प्रवासी कवि बोधिसत्व की कविताओं पर अलग से टिप्पणी करने की कोई आवश्यकता मुझे… continue Reading..
प्रकृति से एकमेक कलाकार- वेद नायरFebruary 27, 20131 mins0पेंटर वेद नायर की कला और उनकी कला-प्रेरणाओं पर यह लेख लिखा है कवयित्री विपिन चौधरी ने.… prabhatcontinue Reading..