जो कम्यूनिस्ट नहीं है, उसे कम्यूनिस्ट विरोधी होने का हक है
‘कथादेश’ के जून 2013 के अंक में प्रसिद्ध लेखिका-आलोचिका अर्चना वर्मा का लेख प्रकाशित हुआ है ‘असहमति और विवाद…
ये भी कोई जाने की उम्र होती है- दीप्ति नवल
ऋतुपर्णो घोष का जाना सचमुच अवाक कर गया. साहित्य और सिनेमा के खोये हुए रिश्ते को जोड़ने वाले…
ये भी कोई जाने की उम्र होती है- दीप्ति नवल
ऋतुपर्णो घोष का जाना सचमुच अवाक कर गया. साहित्य और सिनेमा के खोये हुए रिश्ते को जोड़ने वाले…
मुझे देखती हैं मोनालिसा की आँखें
कुछ दिन पहले सुमन केशरी की कविताओं के संकलन ‘मोनालिसा की आँखें’ का विमोचन हुआ. सुमन जी शब्दों को…
वर्तिका नंदा की कुछ नई कविताएँ
वर्तिका नंदा की कविताओं में स्त्री के रोजमर्रा के जीवन का एक नया अर्थ मुखरित होता है.…
वर्तिका नंदा की कुछ नई कविताएँ
वर्तिका नंदा की कविताओं में स्त्री के रोजमर्रा के जीवन का एक नया अर्थ मुखरित होता है.…
खेल के चश्मे से कारोबारी दुनिया की समझ
हर्षा भोगले का नाम क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक जादुई क्रिकेट कमेंटेटर हैं. उनकी किताब आई है…
कला और विज्ञान के संधि स्थल पर खड़ा युगपुरुष स्टीव जॉब्स
आज \’इण्डिया टुडे\’ में \’मैं, स्टीव: मेरा जीवन, मेरी जुबानी\’ पुस्तक की मेरे द्वारा लिखी गई समीक्षा…

