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जानकी पुल – A Bridge of World Literature

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चंदन पांडे की कहानी ‘भूलना’

July 10, 20124 mins6
यह खबर पढ़ी कि स्मृतियों से देश-महादेश रचनेवाले लेखक मार्केस को भूलने की बीमारी हो गई है…
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    ‘कवि के साथ’ में कविता की बात

    July 9, 20121 mins34
    बिना कुछ अधिक बताए, किसी दावे के ‘कविता के साथ’ अपने नियमित आयोजन के पहली वर्षगांठ के…
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      संवेदना को मार रही है अपनी भाषा में अत्याचार की आवाज़ !

      July 8, 20121 mins0
      असद जैदी का नाम हिंदी कविता में किसी परिचय का मोहताज नहीं है. अपनी स्पष्ट राजनीति, गहरी…
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        संवेदना को मार रही है अपनी भाषा में अत्याचार की आवाज़ !

        July 8, 20121 mins7
        असद जैदी का नाम हिंदी कविता में किसी परिचय का मोहताज नहीं है. अपनी स्पष्ट राजनीति, गहरी…
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        काफ़िर जिसे सुन नहीं सकते

        July 7, 20122 mins13
        गिरिराज किराडू की कविताएँ बगैर किसी हो-हल्ले के, बगैर कोई चीख-पुकार मचाये बहुत कुछ कह जाती हैं.…
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          बच्चन सिनेमा और उसकी ईर्ष्यालु संतति

          July 5, 20121 mins14
          अनुराग कश्यप ने सिनेमा की जैसी बौद्धिक संभावनाएं जगाई थीं उनकी फ़िल्में उन संभावनाओं पर वैसी खरी…
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            अब मनोरंजन के लिए कोई कहानी नहीं लिखता

            July 4, 20121 mins143
            स्वयंप्रकाश का नाम हिंदी कहानी में किसी परिचय का मोहताज नहीं है. उनसे यह बातचीत वरिष्ठ कवि…
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              उत्तर-आधुनिक परिदृश्य में प्रो-एक्टिव विवेक

              July 3, 20122 mins3
              गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरु सुधीश पचौरी की याद आई तो युवा विमर्शकार विनीत कुमार के इस…
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                आपके चारों तरफ बस आईने ही आईने हैं

                July 2, 20121 mins0
                अरुण प्रकाश एक सशक्त कथाकार ही नहीं थे बल्कि एक संवेदनशील कवि भी थे. आज उनकी दो…
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                  आपके चारों तरफ बस आईने ही आईने हैं

                  July 2, 20121 mins4
                  अरुण प्रकाश एक सशक्त कथाकार ही नहीं थे बल्कि एक संवेदनशील कवि भी थे. आज उनकी दो…
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