प्रसिद्ध कवि बोधिसत्व की यह कविता हमारे समाज पर गहरा व्यंग्य करती है. आप भी पढ़िए ‘न्यूट्रल आदमी’, बनिए नहीं-…
‘तुगलक’ से रंगमंच को क्या मिला?
भानु भारती के निर्देशन में गिरीश कर्नाड के नाटक ‘तुगलक’ का भव्य मंचन दिल्ली के फिरोजशाह कोटला के खंडहरों में…
‘तुगलक’ से रंगमंच को क्या मिला?
भानु भारती के निर्देशन में गिरीश कर्नाड के नाटक ‘तुगलक’ का भव्य मंचन दिल्ली के फिरोजशाह कोटला के खंडहरों में…
चन्द्रकुंवर बर्त्वाल की कुछ छोटी कविताएँ
महज २८ साल की उम्र में इस संसार को अलविदा कह गए कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल को कुछ लोग हिंदी का…
चन्द्रकुंवर बर्त्वाल की कुछ छोटी कविताएँ
महज २८ साल की उम्र में इस संसार को अलविदा कह गए कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल को कुछ लोग हिंदी का…
उपन्यास लिखना समुद्र में तैरने जैसा है
आज से दिल्ली के इण्डिया हैबिटेट सेंटर में भारतीय भाषाओं के साहित्योत्सव ‘समन्वय’ की शुरुआत हुई. इस बार इसमें अन्य…
‘वह’ से यह तक की यात्रा
इस साल हिंदी में प्रकाशित पुस्तकों में जिसने मुझे बहुत प्रभावित किया वह अनिल कुमार यादव की पुस्तक ‘वह भी कोई…
पालतू आदमी कुछ भी हो सकता है लेखक नहीं!
28 अक्तूबर के जनसत्ता में अशोक वाजपेयी जी ने सार्वजनिक रूप से साहित्य निधि बनाने की घोषणा की है। वे…
चार किस्से हेमंत शेष के
आज हेमंत शेष के किस्से- जानकी पुल. ========================== आदिवासी सब आदिवासी घने जंगलों में पैदा होते और रहते हैं, एक-एक पेड़…
आप किस मीडिया में नैतिकता की छानबीन कर रहे हैं हरिवंशजी ?
कल वरिष्ठ पत्रकार हरिवंश का लेख आया था मीडिया की नैतिकता पर. युवा लेखक विनीत कुमार का यह लेख उसी…



