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जानकी पुल – A Bridge of World Literature

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संवेदना को मार रही है अपनी भाषा में अत्याचार की आवाज़ !

July 8, 20121 mins0
असद जैदी का नाम हिंदी कविता में किसी परिचय का मोहताज नहीं है. अपनी स्पष्ट राजनीति, गहरी…
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    संवेदना को मार रही है अपनी भाषा में अत्याचार की आवाज़ !

    July 8, 20121 mins7
    असद जैदी का नाम हिंदी कविता में किसी परिचय का मोहताज नहीं है. अपनी स्पष्ट राजनीति, गहरी…
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    काफ़िर जिसे सुन नहीं सकते

    July 7, 20122 mins13
    गिरिराज किराडू की कविताएँ बगैर किसी हो-हल्ले के, बगैर कोई चीख-पुकार मचाये बहुत कुछ कह जाती हैं.…
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      बच्चन सिनेमा और उसकी ईर्ष्यालु संतति

      July 5, 20121 mins14
      अनुराग कश्यप ने सिनेमा की जैसी बौद्धिक संभावनाएं जगाई थीं उनकी फ़िल्में उन संभावनाओं पर वैसी खरी…
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        अब मनोरंजन के लिए कोई कहानी नहीं लिखता

        July 4, 20121 mins143
        स्वयंप्रकाश का नाम हिंदी कहानी में किसी परिचय का मोहताज नहीं है. उनसे यह बातचीत वरिष्ठ कवि…
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          उत्तर-आधुनिक परिदृश्य में प्रो-एक्टिव विवेक

          July 3, 20122 mins3
          गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरु सुधीश पचौरी की याद आई तो युवा विमर्शकार विनीत कुमार के इस…
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            आपके चारों तरफ बस आईने ही आईने हैं

            July 2, 20121 mins0
            अरुण प्रकाश एक सशक्त कथाकार ही नहीं थे बल्कि एक संवेदनशील कवि भी थे. आज उनकी दो…
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              आपके चारों तरफ बस आईने ही आईने हैं

              July 2, 20121 mins4
              अरुण प्रकाश एक सशक्त कथाकार ही नहीं थे बल्कि एक संवेदनशील कवि भी थे. आज उनकी दो…
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              यह सिर्फ एक शख्स के जाने का शोक नहीं था

              July 1, 20121 mins11
              अरुण प्रकाश को याद करते हुए यह कविता हमारे दौर के महत्वपूर्ण कवि प्रियदर्शन ने लिखी है.…
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                चुपचाप लिखने वाले अमर गोस्वामी चुपचाप चले गए

                June 29, 20121 mins20
                दुःख होता है. हम लेखक अपने लेखक समाज से कितने बेखबर होते जा रहे हैं. अमर गोस्वामी…
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