क्या हरिशंकर परसाई कविता भी लिखते थे? कांतिकुमार जैन के प्रयत्न से परसाई जी की दो कविताएँ सामने आई…
बस्तर में सवेरा मृत्यु की बांग से होता है
लेखक आशुतोष भारद्वाज जैसे बस्तर के जीवन की धडकन को अपने शब्दों में उतार देते हैं. भय, संशय, उहापोह के…
सलमान रुश्दी बने \’जोसेफ एंटन\’
सलमान रुश्दी के संस्मरणों की पुस्तक आई है ‘जोसेफ एंटन’. उसी पुस्तक का एक अनूदित अंश जो सलमान रुश्दी के…
सलमान रुश्दी बने ‘जोसेफ एंटन’
सलमान रुश्दी के संस्मरणों की पुस्तक आई है ‘जोसेफ एंटन’. उसी पुस्तक का एक अनूदित अंश जो सलमान रुश्दी के…
जैसे साइबेरिया की चिड़ियों का कोलाहल
वरिष्ठ कवि दिनेश कुमार शुक्ल की कुछ कविताएँ. उनकी कविताओं में लोक-भाषाओं की गूँज सुनाई देती है जो सघन स्मृति-बिम्बों…
जैसे साइबेरिया की चिड़ियों का कोलाहल
वरिष्ठ कवि दिनेश कुमार शुक्ल की कुछ कविताएँ. उनकी कविताओं में लोक-भाषाओं की गूँज सुनाई देती है जो सघन स्मृति-बिम्बों…
इस फांसी से सवालों के दूसरे कई फंदे सामने लटक आए हैं
कसाब की फांसी से उपजे सवालों पर कल हमने युवा लेखक चंदन पाण्डेय का लेख पढ़ा. आज प्रसिद्ध पत्रकार कुमार…
कुछ गौर से कातिल का हुनर देख रहे हैं
युवा लेखक चंदन पाण्डेय ऐसे लेखकों में हैं जो विभिन्न मसलों पर अपनी स्पष्ट राय समय-समय पर जाहिर करते रहे…
अंगुरी में डँसले बिया नगिनिया
‘खूंटा’ कहानी से विशेष चर्चा में आए अनुज की कहानी में राजनीति और ग्रामीण समाज का बदलता चेहरा बखूबी आता…
जाति मुक्ति इसी रास्ते से संभव है
प्रेमपाल शर्मा संवेदनशील लेखक हैं औ अपने विचार निर्भीकता से रखने के लिए जाने जाते हैं. आज जाति व्यवस्था पर…



