यह सिर्फ एक शख्स के जाने का शोक नहीं थाJuly 1, 20121 mins11अरुण प्रकाश को याद करते हुए यह कविता हमारे दौर के महत्वपूर्ण कवि प्रियदर्शन ने लिखी है.… continue Reading..
चुपचाप लिखने वाले अमर गोस्वामी चुपचाप चले गएJune 29, 20121 mins20दुःख होता है. हम लेखक अपने लेखक समाज से कितने बेखबर होते जा रहे हैं. अमर गोस्वामी… continue Reading..
वे दुनिया से अपनी दुखती रग छुपाकर रखते थेJune 28, 20122 mins0अरुण प्रकाश ऐसे लेखक थे जो युवा लेखकों से नियमित संवाद बनाये रखते थे. इसलिए उनके निधन… prabhatcontinue Reading..
वे दुनिया से अपनी दुखती रग छुपाकर रखते थेJune 28, 20122 mins156अरुण प्रकाश ऐसे लेखक थे जो युवा लेखकों से नियमित संवाद बनाये रखते थे. इसलिए उनके निधन…ब्लॉग continue Reading..
गैंग्स आफ डिसबैलेन्सपुर वाया मेडिटेशनJune 27, 20121 mins49अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ की पब्लिसिटी रिलीज होने से पहले से ही कुछ ‘चवन्नी… continue Reading..
हमारी ‘छोटी’ लड़ाई की गरदन पर आपके ‘साथ’ का ज्ञानपीठीय हाथJune 26, 20121 mins18युवा लेखक गौरव सोलंकी का यह लेख मूल रूप से ‘जनसत्ता’ में प्रकाशित प्रियदर्शन के लेख की… continue Reading..
संवेदना के दर्पण में नॉयपालJune 25, 20121 mins0हाल में ही पेंगुइन बुक्स और यात्रा बुक्स ने हिंदी में प्रसिद्ध लेखक वी.एस.नायपॉल की कई पुस्तकों… prabhatcontinue Reading..
संवेदना के दर्पण में नॉयपालJune 25, 2012August 12, 20181 mins6हाल में ही पेंगुइन बुक्स और यात्रा बुक्स ने हिंदी में प्रसिद्ध लेखक वी.एस.नायपॉल की कई पुस्तकों…ब्लॉग continue Reading..
छुट्टियाँ तो हैं, लेकिन वे इंतज़ार करते हुए चले गएJune 22, 20121 mins119अरुण प्रकाश हिंदी में बड़ी लकीर खींचने वाले कथाकार ही नहीं थे, एक बेहतरीन इंसान भी थे. उनको…ब्लॉग continue Reading..