मैं स्वीकार करती हूँ शोक और उत्सवNovember 29, 20111 mins0आज प्रस्तुत हैं लैटिन अमेरिकन देश पेरू की कवयित्री ब्लांका वरेला की कविताएँ. लगभग सुर्रियल सी उसकी… prabhatcontinue Reading..
मैं स्वीकार करती हूँ शोक और उत्सवNovember 29, 20111 mins10आज प्रस्तुत हैं लैटिन अमेरिकन देश पेरू की कवयित्री ब्लांका वरेला की कविताएँ. लगभग सुर्रियल सी उसकी…ब्लॉग continue Reading..
शैलेंद्र, राज कपूर, मैँ और साहिरNovember 28, 20111 mins9कल प्रसिद्ध फिल्म पत्रिका ‘माधुरी’ पर रविकांत का लेख जानकी पुल पर आया था. उसकी प्रतिक्रिया में… continue Reading..
हिन्दी फ़िल्म अध्ययन: ‘माधुरी’ का राष्ट्रीय राजमार्गNovember 27, 20111 mins12इतिहासकार रविकांत सीएसडीएस में एसोसिएट फेलो हैं, ‘हिंदी पब्लिक स्फेयर’ का एक जाना-माना नाम जो एक-सी महारत… continue Reading..
तो क्या पहले की तरह मिलोगेNovember 26, 20111 mins0इस बार ३ दिसंबर को \’कवि के साथ\’ कार्यक्रम में लीना मल्होत्रा भी अपनी कविताएँ सुनाएंगी. लीना… prabhatcontinue Reading..
तो क्या पहले की तरह मिलोगेNovember 26, 20111 mins147इस बार ३ दिसंबर को ‘कवि के साथ’ कार्यक्रम में लीना मल्होत्रा भी अपनी कविताएँ सुनाएंगी. लीना…ब्लॉग continue Reading..
ईसा तुम्हारी संतानें वैसी ही हैं अभी भीNovember 23, 20112 mins14आज तुषार धवल की कविताएँ. तुषार की कविताओं में न विचारधारा का दबाव है, न ही विचार…ब्लॉग continue Reading..
रचनात्मकता एक अंधड़ है मेरे लिएNovember 21, 20111 mins26वरिष्ठ पत्रकार, कथाकार गीताश्री को उनकी सम्पादित पुस्तक ‘नागपाश में स्त्री’ के लिए वर्ष २०११ का सृजनगाथा… continue Reading..