मण्टो की तलाश लुप्त होती इन्सानियत की तलाश है

कल सआदत हसन मंटो की सौवीं जयंती है. उर्दू के एक ऐसे कथाकार की जिसने कहानियों का मिजाज बदलकर रख…

हैं बंद द्वार घर-घर के, अँधियारा रात का छाया

हाल में ही रवीन्द्रनाथ टैगोर के गीतों का अनुवाद आया है ‘निरुपमा, करना मुझको क्षमा’ नाम से. छंदबद्ध अनुवाद किया…

रवीन्द्रनाथ के मिथिला से आत्मीय सम्बंध थे- बुद्धिनाथ मिश्र

आज रवीन्द्र जयंती है. उनके जीवन-लेखन से जुड़े अनेक पहलुओं की चर्चा होती है, उनपर शोध होते रहे हैं. एक…

रवीन्द्रनाथ के मिथिला से आत्मीय सम्बंध थे- बुद्धिनाथ मिश्र

आज रवीन्द्र जयंती है. उनके जीवन-लेखन से जुड़े अनेक पहलुओं की चर्चा होती है, उनपर शोध होते रहे हैं. एक…

वे सत्यजीत रे का घर देखना चाहते थे

अभी बीते २ मई को महान फिल्मकार सत्यजित रे की जयंती थी. उनको, बांग्ला सिनेमा पर उनके प्रभावों को लेकर…

परंतु हिटलर ने कुछ नहीं किया

आज रविभूषण पाठक की कविताएँ. रविभूषण की ये कविताएँ हिटलर नाम के उस व्यक्ति को लेकर हैं, जो विचारधारा बनकर…

पंकज मित्र की कहानी \’सहजन का पेड़\’

अभी हाल में ‘लमही’ पत्रिका का कहानी विशेषांक आया है. उसमें कई कहानियां अच्छी हैं, लेकिन  \’लोकल\’ में \’ग्लोबल\’ की छौंक…

पंकज मित्र की कहानी ‘सहजन का पेड़’

अभी हाल में ‘लमही’ पत्रिका का कहानी विशेषांक आया है. उसमें कई कहानियां अच्छी हैं, लेकिन  ‘लोकल’ में ‘ग्लोबल’ की छौंक…

वह तो सुगंध की तरह थी अनियंत्रित

अपने प्रिय कवि बोधिसत्त्व की एक नई लंबी कविता आपके लिए- जानकी पुल.  ————————————————————————- उसकी हँसी उस पर झुमका चुराने…

वह तो सुगंध की तरह थी अनियंत्रित

अपने प्रिय कवि बोधिसत्त्व की एक नई लंबी कविता आपके लिए- जानकी पुल.  ————————————————————————- उसकी हँसी उस पर झुमका चुराने…

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