कवि-आलोचक और ललित कला अकादमी के अध्यक्ष सुप्रसिद्धअशोक वाजपेयी आज सत्तर साल के हो गए. इस अवसर पर उनसे प्रसिद्ध…
बग़ैर शब्दों के बोलना है एक भाषा में
पीयूष दईया की कविताओं को किसी परंपरा में नहीं रखा जा सकता. लेकिन उनमें परंपरा का गहरा बोध है. उनकी…
बग़ैर शब्दों के बोलना है एक भाषा में
पीयूष दईया की कविताओं को किसी परंपरा में नहीं रखा जा सकता. लेकिन उनमें परंपरा का गहरा बोध है. उनकी…
तोहरे बर्फी ले मीठ मोर लबाही मितवा!
लोक-गायक बालेश्वर के निधन को लेकर ज्ञानपीठ वाले सुशील सिद्धार्थ से चर्चा हो रही थी तो उन्होंने बताया कि दयानंद…
सभी प्रतिमाओं को तोड़ दो: स्वामी विवेकानंद की कविताएँ
आज स्वामी विवेकानंद की जयंती है. प्रस्तुत है उनकी कुछ कविताएँ- ================================== समाधि सूर्य भी नहीं है, ज्योति-सुन्दर शशांक नहीं,…
सभी प्रतिमाओं को तोड़ दो: स्वामी विवेकानंद की कविताएँ
आज स्वामी विवेकानंद की जयंती है. प्रस्तुत है उनकी कुछ कविताएँ- ================================== समाधि सूर्य भी नहीं है, ज्योति-सुन्दर शशांक नहीं,…
यह अघोषित आपातकाल का समय है
कुछ लेखक ऐसे होते हैं जिनके पुरस्कृत होने से पुरस्कारों की विश्वसनीयता बनी रहती है. ऐसे ही लेखक उदय प्रकाश…
मीडिया से राडिया तक
प्रसिद्ध पत्रकार-मीडिया विश्लेषक दिलीप मंडलजी का यह लेख ‘पाखी’ के मीडिया विशेषांक में प्रकाशित हुआ है. लेख इतना अच्छा और…
जीवन को छलता हुआ, जीवन से छला गया
आज मोहन राकेश का जन्मदिन है. हिंदी को कुछ बेजोड़ नाटक और अनेक यादगार कहानियां देने वाले मोहन राकेश ने यदा-कदा…
जीवन को छलता हुआ, जीवन से छला गया
आज मोहन राकेश का जन्मदिन है. हिंदी को कुछ बेजोड़ नाटक और अनेक यादगार कहानियां देने वाले मोहन राकेश ने यदा-कदा…



