बड़े दिनों बाद एक दिलचस्प ऐतिहासिक उपन्यास पढ़ा- ‘चरु, चीवर और चर्या’। लेखक हैं प्रदीप दाश। उपन्यास की पृष्ठभूमि बौद्ध…
अनछुए चरित्र, विस्मित कर देनेवाले किरदार
जाने माने कथाकार-कवि हरि मृदुल का कहानी संग्रह ‘हंगल साहब ज़रा हँस दीजिए’ पिछले साल आया था। उसके बारे में…
‘अग्निकाल; सल्तनतकालीन सिपहसालार मलिक काफ़ूर की कहानी’ का एक अंश
पेंगुइन स्वदेश से किताब आई है ‘अग्निकाल; सल्तनतकालीन सिपहसालार मलिक काफ़ूर की कहानी’। युगल जोशी की इस किताब का एक…
पंकज दुबे के उपन्यास ‘इश्क़ बाक़ी’ का एक अंश
पंकज दुबे उन लेखकों में हैं जिन्होंने दो भाषाओं में लिखना शुरू किया। जिस जमाने में जब विनर की कहानियाँ…
हमें नई राजनीतिक भाषा की जरूरत है
आज पढ़िए प्रसिद्ध समाजविज्ञानी और भारत जोड़ो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक योगेन्द्र यादव का लेख। यह लेख भारतीय गणतंत्र पर…
पुस्तक ‘कहाँ लगायें पैसा?’ का एक अंश
इधर हिन्दी में सेल्फ हेल्प की किताबों का प्रकाशन खूब बढ़ा है। जैसे यह किताब जिसका नाम है ‘कहाँ लगायें…
‘हिन्दू बनाम हिंदू’ पर कुछ विचार: योगेन्द्र यादव
प्रसिद्ध समाजविज्ञानी योगेन्द्र यादव का यह लेख ‘पंजाब केसरी’ में प्रकाशित हुआ था। राममनोहर लोहिया के हवाले से इस लेख…
युवा कवि अंचित की कविताएँ
आज पढ़िए युवा कवि अंचित की कविताएँ। समकालीन दौर के जाने माने कवि अंचित की कविताओं में समकालीन समय का…
गद्य की गहन ऐंद्रिकता में किसी इंटीमेट पेंटिंग की तरह डूबी कृति
इस साल जिस उपन्यास ने अपनी भाषा, अपनी कहन से मुझे बेहद प्रभावित किया वह सारंग उपाध्याय का उपन्यास ‘सलाम…
रोमांस की केमिस्ट्री मर्डर की मिस्ट्री: मेरी क्रिसमस
इस बार पंद्रह जनवरी को मैं श्रीराम राघवन की फ़िल्म ‘मेरी क्रिसमस’ देखने गया था। थ्रिलर विधा के मास्टर हैं।…



