आचार संहिताओं का मूल्यांकन करती कविताएँ: हज़ारों निशान

पिछले जून जानकीपुल पर शिवांगी गोयल की कुछ कविताएँ प्रकाशित हुई थीं। और ठीक एक साल बाद शिवांगी अपने पहले…

जिजीविषा का संस्मरण है ‘मदर मेरी कम्स टू मी’

अरुंधती रॉय की एक संस्मरण पुस्तक हाल ही प्रकाशित हुई – ‘मदर मेरी कम्स टू मी’, जिसे लेकर भीतर लिखा…

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