एक-आध दिन मौसी के घर भी चले जाना चाहिए

संजय गौतम कम लिखते हैं लेकिन मानीखेज लिखते हैं. उदाहरण के लिए यही लेख जिसमें इब्ने इंशा की किताब \’उर्दू…

दबाव आप पर तब नहीं, अब आया है

\’लमही सम्मान\’ के सम्बन्ध में सम्मान के संयोजक और \’लमही\’ पत्रिका के संपादक विजय राय द्वारा यह  कहे जाने पर…

दबाव आप पर तब नहीं, अब आया है

\’लमही सम्मान\’ के सम्बन्ध में सम्मान के संयोजक और \’लमही\’ पत्रिका के संपादक विजय राय द्वारा यह  कहे जाने पर…

संवाद और संवेदना की रेसिपी और लंचबॉक्स

  यह सिर्फ ‘लंचबॉक्स‘ फिल्म की समीक्षा नहीं है. उसके बहाने समकालीन मनुष्य के एकांत को समझने का एक प्रयास…

एक गरिमामयी पुरस्कार की शुरुआत

शैलप्रिया स्मृति सम्मान एक दिसंबर 1994 को झारखंड की सुख्यात कवयित्री और स्त्री-संगठनों से जुड़ी सामाजिक कार्यकर्ता शैलप्रिया का कैंसर…

एक गरिमामयी पुरस्कार की शुरुआत

शैलप्रिया स्मृति सम्मान एक दिसंबर 1994 को झारखंड की सुख्यात कवयित्री और स्त्री-संगठनों से जुड़ी सामाजिक कार्यकर्ता शैलप्रिया का कैंसर…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी