ओ प्यारी मलाला हम बड़े रंज में हैं
मलाला युसुफजई का नाम आज पकिस्तान में विरोध का प्रतीक बन चुका है. हिंदी की कवयित्री अनीता…
ओ प्यारी मलाला हम बड़े रंज में हैं
मलाला युसुफजई का नाम आज पकिस्तान में विरोध का प्रतीक बन चुका है. हिंदी की कवयित्री…
का खाएँ का पिएँ का ले परदेस जाएँ
प्रसिद्ध आलोचक-अनुवादक गोपाल प्रधान ने यह लोक कथा भेजते हुए याद दिलाया की आज के सन्दर्भ में…
तुषार धवल की कविता \’सुनती हो सनी लियॉन\’
तुषार धवल की कई कविताओं में समकालीन समय का मुहावरा होता है. अपने दौर के कवियों में…
ई-चरखे पर सूत कातते गाँधी
हाल में ही मुंबई में \’एटर्नल गाँधी\’ शीर्षक से प्रदर्शनी लगी थी. आज बापू के जन्मदिन पर…
कुछ भी नहीं है पास, एक उम्मीद है
मुकुल सरल हिंदी गजल की यशस्वी परम्परा में आते हैं. कल \’कवि के साथ\’ कार्यक्रम में इण्डिया…
दुनिया-भर के गुण दिखते है औगुनिया में
पिछले दिनों राजेश जोशी, कुमार अम्बुज और नीलेश रघुवंशी का एक पत्र छपा था भारत भवन भोपाल…

