Skip to content
जानकी पुल – A Bridge of World Literature

जानकी पुल - A Bridge of World Literature

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
जानकी पुल – A Bridge of World Literature

जानकी पुल - A Bridge of World Literature

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

prabhat

1327 posts

शायक आलोक की कविताएं

April 26, 20131 mins0
शायक आलोक का नाम आते ही कई विवाद याद आते हैं. शायद उसे विवादों में रहना पसंद…
    prabhatcontinue Reading..

    मुझे पागल तो नहीं कहोगी न?

    April 20, 20131 mins0
    आज लाल्टू की कविताएँ. वे हमारे दौर के ऐसे कवि हैं जो बेहद ख़ामोशी से सृजनरत रहते…
      prabhatcontinue Reading..

      नामवर सिंह की कविताएँ

      April 14, 20131 mins0
      हाल में ही राजकमल प्रकाशन से एक किताब आई है \’प्रारंभिक रचनाएं\’, जिसमें नामवर सिंह की कुछ…
        prabhatcontinue Reading..

        फणीश्वरनाथ रेणु का दुर्लभ रिपोर्ताज \’जय गंगा!\’

        April 11, 20131 mins0
        महान गद्यकार फणीश्वर नाथ रेणु जी का यह दुर्लभ रिपोर्ताज जय गंगा   प्रस्तुत है- जो रेणु…
          prabhatcontinue Reading..

          फणीश्वरनाथ रेणु का दुर्लभ रिपोर्ताज ‘जय गंगा!’

          April 11, 2013August 5, 20251 mins8
          महान गद्यकार फणीश्वर नाथ रेणु जी का यह दुर्लभ रिपोर्ताज जय गंगा   प्रस्तुत है- जो रेणु…
          • फीचर्ड
          prabhatcontinue Reading..

          निलय उपाध्याय और मुंबई की लोकल

          April 7, 20131 mins0
          निलय उपाध्याय ठेठ हिंदी के कवि हैं. उनकी कविताओं में वह जीवन्तता है जिससे पता चलता है…
            prabhatcontinue Reading..

            यह उम्मीद है जो हमें बचाए रखती है

            April 4, 20131 mins0
            प्रियदर्शन मूलतः कवि हैं और हाल के दिनों में कविता में जितने प्रयोग उन्होंने किए हैं शायद…
              prabhatcontinue Reading..

              इस आयोजन में कई परंपराएं टूटी हैं

              April 3, 20131 mins0
              हमारे प्रिय लेखक असगर वजाहत ने पटना लिटरेचर फेस्टिवल के बहाने साहित्य और सत्ता के संबंधों को…
                prabhatcontinue Reading..

                इस आयोजन में कई परंपराएं टूटी हैं

                April 3, 2013August 13, 20251 mins1016
                हमारे प्रिय लेखक असगर वजाहत ने पटना लिटरेचर फेस्टिवल के बहाने साहित्य और सत्ता के संबंधों को…
                • ब्लॉग
                prabhatcontinue Reading..

                जिसने औपनिवेशिक भाषा को औपनिवेशिक अहंकार से मुक्त करवाया

                April 1, 20131 mins0
                महान लेखक चिनुआ अचीबे को श्रद्धांजलि देते हुए यह लेख मैंने यह लेख लिखा था, जो कल…
                  prabhatcontinue Reading..
                  • 1
                  • …
                  • 97
                  • 98
                  • 99
                  • 100
                  • 101
                  • …
                  • 133

                  Recent Posts

                  • प्रभाष जोशी से अरविंद दास की बातचीत
                  • किस्से काशी के चौकीदारों के: मृणाल पाण्डे
                  • सविता सिंह और सिल्विया प्लाथ की कविता में अस्तित्व का जादुई यथार्थ
                  • ज्योति की कविताएँ
                  • यांग शुआंग-ज़ी और इंटरनेशनल बुकर प्राइज़

                  Recent Comments

                  1. Manohar Notani on जयशंकर से प्रज्ञा विश्नोई की बातचीत
                  2. Partha Choudhury on कसप उपन्यास की बेबी उर्फ़ मैत्रेयी मिश्रा
                  3. Sarita Singh on आकृति विज्ञा ‘अर्पण’ की पाँच कविताएँ
                  4. Swati Yadav on यारोस्लावास मेलनिकस की कहानी ‘अंतिम दिन’
                  5. Amisha Aneja on यारोस्लावास मेलनिकस की कहानी ‘अंतिम दिन’
                  जानकी पुल – A Bridge of World Literature

                  जानकी पुल - A Bridge of World Literature

                  Facebook Instagram Whatsapp
                  जानकी पुल - A Bridge of World Literature 2026. Designed by www.rktechwebsitedesign.com