आज मुख्यधारा की मीडिया में प्रेमचंद की जयंती पर उनको याद करते हुए कुछ अच्छे लेख प्रकाशित हुए हैं. \’जनसत्ता\’…
Author: prabhat
दुःख में हो मोनालिसा?
कुछ दिनों पहले वरिष्ठ कवयित्री सुमन केसरी ने मोनालिसा को लेकर कुछ कवितायेँ लिखी थी. आज समकालीन कवयित्री कलावंती की…
दुःख में हो मोनालिसा?
कुछ दिनों पहले वरिष्ठ कवयित्री सुमन केसरी ने मोनालिसा को लेकर कुछ कवितायेँ लिखी थी. आज समकालीन कवयित्री कलावंती की…
भारतीय सिनेमा का लास्ट लियर
युवा लेखक कुणाल सिंह सिनेमा की गहरी समझ रखते हैं. हाल में ही दिवंगत हुए फिल्मकार ऋतुपर्णो घोष पर उनका…
भारतीय सिनेमा का लास्ट लियर
युवा लेखक कुणाल सिंह सिनेमा की गहरी समझ रखते हैं. हाल में ही दिवंगत हुए फिल्मकार ऋतुपर्णो घोष पर उनका…
भारतीय सिनेमा का लास्ट लियर
युवा लेखक कुणाल सिंह सिनेमा की गहरी समझ रखते हैं. हाल में ही दिवंगत हुए फिल्मकार ऋतुपर्णो घोष पर उनका…
चाँद! उस रात तुम कितने सुंदर लग रहे थे
स्वाति अर्जुन को हम एक सजग पत्रकार के रूप में जानते रहे हैं, वह एक संवेदनशील कवयित्री भी हैं इसका…
चाँद! उस रात तुम कितने सुंदर लग रहे थे
स्वाति अर्जुन को हम एक सजग पत्रकार के रूप में जानते रहे हैं, वह एक संवेदनशील कवयित्री भी हैं इसका…
चाँद! उस रात तुम कितने सुंदर लग रहे थे
स्वाति अर्जुन को हम एक सजग पत्रकार के रूप में जानते रहे हैं, वह एक संवेदनशील कवयित्री भी हैं इसका…
जाल बहेलिया ही बिछा सकता है जानवर नहीं
प्रियदर्शन की ये कविताएं प्रासंगिक भी हैं और बहुत कुछ सोचने को विवश भी करती हैं- \’जानवरों से हमें माफ़ी…



