कुछ भी नहीं है पास, एक उम्मीद है
मुकुल सरल हिंदी गजल की यशस्वी परम्परा में आते हैं. कल \’कवि के साथ\’ कार्यक्रम में इण्डिया…
दुनिया-भर के गुण दिखते है औगुनिया में
पिछले दिनों राजेश जोशी, कुमार अम्बुज और नीलेश रघुवंशी का एक पत्र छपा था भारत भवन भोपाल…
दुनिया-भर के गुण दिखते है औगुनिया में
पिछले दिनों राजेश जोशी, कुमार अम्बुज और नीलेश रघुवंशी का एक पत्र छपा था भारत भवन…
इंटरनेट है तो फ्रेंडशिप है फ्रेंडशिप है तो शेयरिंग है
कल \’जनसत्ता\’ में सुधीश पचौरी का यह लेख आया था. जिन्होंने नहीं पढ़ा हो उनके लिए इसे…
जिंदगी तुम्हारी शुभाकांक्षाओं के उजास से
आज कलावंती की कविताएँ. कलावंती जी कविताएँ तो लिखती हैं लेकिन छपने-छपाने में खास यकीन नहीं करतीं.…
भारत रत्न का अगला कोई हकदार है तो वर्गीज कुरियन
श्वेत क्रांति के जनक वर्गीज कुरियन को लेकर श्रद्धांजलियों का दौर थम चुका है. उनके योगदान का…
भैया एक्सप्रेस और चाचा की टिप्पणी
‘बया’ पत्रिका का नया अंक अरुण प्रकाश पर एकाग्र है. इसमें मैंने भी अरुण प्रकाश जी…
हाथी के पीछे भौंकते कुत्ते
हिंदी में गंभीर विमर्श का माहौल खत्म होता जा रहा है, मर्यादाएं टूटती जा रही हैं. अभी…

