शायक आलोक का नाम आते ही कई विवाद याद आते हैं. शायद उसे विवादों में रहना पसंद है. लेकिन असल…
Author: prabhat
मुझे पागल तो नहीं कहोगी न?
आज लाल्टू की कविताएँ. वे हमारे दौर के ऐसे कवि हैं जो बेहद ख़ामोशी से सृजनरत रहते हैं. प्रतिबद्ध हैं…
नामवर सिंह की कविताएँ
हाल में ही राजकमल प्रकाशन से एक किताब आई है \’प्रारंभिक रचनाएं\’, जिसमें नामवर सिंह की कुछ शुरूआती रचनाओं को संकलित…
फणीश्वरनाथ रेणु का दुर्लभ रिपोर्ताज \’जय गंगा!\’
महान गद्यकार फणीश्वर नाथ रेणु जी का यह दुर्लभ रिपोर्ताज जय गंगा प्रस्तुत है- जो रेणु रचनावली में भी…
फणीश्वरनाथ रेणु का दुर्लभ रिपोर्ताज ‘जय गंगा!’
महान गद्यकार फणीश्वर नाथ रेणु जी का यह दुर्लभ रिपोर्ताज जय गंगा प्रस्तुत है- जो रेणु रचनावली में भी…
निलय उपाध्याय और मुंबई की लोकल
निलय उपाध्याय ठेठ हिंदी के कवि हैं. उनकी कविताओं में वह जीवन्तता है जिससे पता चलता है कि वे जीवन…
यह उम्मीद है जो हमें बचाए रखती है
प्रियदर्शन मूलतः कवि हैं और हाल के दिनों में कविता में जितने प्रयोग उन्होंने किए हैं शायद ही किसी समकालीन…
इस आयोजन में कई परंपराएं टूटी हैं
हमारे प्रिय लेखक असगर वजाहत ने पटना लिटरेचर फेस्टिवल के बहाने साहित्य और सत्ता के संबंधों को लेकर एक महत्वपूर्ण…
इस आयोजन में कई परंपराएं टूटी हैं
हमारे प्रिय लेखक असगर वजाहत ने पटना लिटरेचर फेस्टिवल के बहाने साहित्य और सत्ता के संबंधों को लेकर एक महत्वपूर्ण…
जिसने औपनिवेशिक भाषा को औपनिवेशिक अहंकार से मुक्त करवाया
महान लेखक चिनुआ अचीबे को श्रद्धांजलि देते हुए यह लेख मैंने यह लेख लिखा था, जो कल \’दैनिक हिन्दुस्तान\’ में…



