तुझसे मैं मिलता रहूँगा ख़्वाब में
कल हरदिल अज़ीज़ शायर शहरयार का इंतकाल हो गया. उनकी स्मृति को प्रणाम. प्रस्तुत है उनसे बातचीत पर…
तुझसे मैं मिलता रहूँगा ख़्वाब में
कल हरदिल अज़ीज़ शायर शहरयार का इंतकाल हो गया. उनकी स्मृति को प्रणाम. प्रस्तुत है उनसे बातचीत पर…
\’स्वतंत्रता\’ की अभिव्यक्ति पर चीनी कवि को सजा
चीन के विद्रोही कवि जू युफु ने एक कविता लिखी ‘it’s time’, skype पर. इस अपराध में…
स्त्रियाँ सुन्दर हो जाती हैं जब उनसे फूटता है रुदन
आज प्रस्तुत हैं निज़ार क़ब्बानी की पाँच कविताएँ, जिनका बहुत अच्छा अनुवाद किया है सिद्धेश्वर सिंह ने- जानकी…
अपनी हिंदी में बेस्टसेलर की तलाश
हिंदी में ‘बेस्टसेलर’ की चर्चा एक बार फिर शुरु हो गई है. एक ज़माना था जब पत्रिकाओं…
अपर्णा मनोज की कहानी ‘द ब्लू प्रिंट’
उपसंहार से शुरु होने वाली इस कहानी के बारे में वाचिका का कहना है कि यह…
सपने में सेंध मारने लगा है ईश्वर
राकेश श्रीमाल की कविताएँ \’हिय आँखिन प्रेम की पीर तकी\’ के मुहावरे में होती हैं. कोमल शब्द,…

