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जानकी पुल – A Bridge of World Literature

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prabhat

1262 posts

फैज़ को मैंने भी देखा था

January 5, 20111 mins0
यह फैज़ अहमद फैज़ की जन्मशताब्दी का साल है. इस अवसर पर हिंदी के मशहूर लेखक असगर…
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    फैज़ को मैंने भी देखा था

    January 5, 2011August 13, 20251 mins139
    यह फैज़ अहमद फैज़ की जन्मशताब्दी का साल है. इस अवसर पर हिंदी के मशहूर लेखक असगर…
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    ये लोकतंत्र के महामठ की चंद सीढियां हैं

    December 31, 20101 mins0
    तुषार धवल की कविताओं में वह विराग है जो गहरे राग से पैदा होता है. लगाव का…
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      एक राष्ट्र के रूप में हम संकट में हैं

      December 30, 20101 mins0
      सीएनएन-आईबीएन की पत्रकार रूपाश्री नंदा से बातचीत करते हुए लेखिका अरुंधती राय ने कहा कि उनको इस…
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        तुम अकेले नहीं हो विनायक सेन

        December 29, 20101 mins0
        कवि और वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र राजन ने अभी-अभी एक कविता भेजी है. विनायक सेन को अदालती सजा…
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          अपराध और सजा?

          December 29, 20101 mins0
           विनायक सेन पर क्या आरोप है?  जिसके आधार पर विनायक सेन को उम्र कैद की सजा सुना…
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            विकीलिक्स के खुलासों पर मारियो वर्गास ल्योसा का बयान

            December 16, 20101 mins0
            इस साल साहित्य के नोबेल पुरस्कार प्राप्त लेखक मारियो वर्गास ल्योसा अपने जीवन, लेखन, राजनीति सबमें किसी…
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              माँ मिथिले, यह अंतिम प्रणाम

              December 10, 20101 mins0
              यह बताने की आवश्यकता नहीं लगती है कि नागार्जुन वैद्यनाथ मिश्र के नाम से मैथिली में कविताएँ…
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                आठ तारीख आठ लेखक आठ उपन्यास

                December 5, 20101 mins0
                दो सालों से हिंदी में उपन्यासों को लेकर कोई चर्चा नहीं हो रही थी. चर्चा के केद्र…
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                  थोडी हकलाहट थोडी सी बेबाकी

                  December 4, 20101 mins0
                  आज राकेश श्रीमाल की कविताएँ. संवेदनहीन होते जाते समय में उनकी कविताओं की सूक्ष्म संवेदनाएं हमें अपने…
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                    • सुरेंद्र मोहन पाठक की निगाह में लिट फ़ेस्ट
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