तमिलनाडु में हिन्दी विरोध की राजनीति

वाणी त्रिपाठी के स्तंभ जनहित में जारी सब पर भारी में आज पढ़िए तमिलनाडु में हो रहे हिन्दी विरोध की…

अनुरंजनी का लेख ‘भारत का सोबती आख्यान’

आज कृष्णा सोबती के लेखन पर यह सुचिंतित लेख पढ़िए। लिखा है अनुरंजनी ने। अनुरंजनी दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय में…

पिराउद’ के बहाने के कुछ बातें

आज पढ़िए वरिष्ठ लेखक उदयन वाजपेयी के कहानी संग्रह ‘पिराउद’ पर यह टिप्पणी। लिखा है कुमारी रोहिणी ने। रोहिणी कोरियन…

उज़्मा कलाम की कहानी ‘सिंगार’

आज पढ़िए उज़्मा कलाम की कहानी ‘सिंगार’। उज़्मा के पास अपनी भाषा है, परिवेश पर पकड़ है और कहानी कहने…

साहित्य की बोरसी में आग का रहना आवश्यक है

यतीश कुमार की किताब ‘बोरसी भर आँच – अतीत का सैरबीन’ के प्रकाशन का एक वर्ष पूरा हो चुका है।…

क्या अब व्यंग्य का मतलब सिर्फ लोगों को चौंकाना और उनसे प्रतिक्रिया लेना रह गया है?

आज से हम एक नया स्तंभ शुरू कर रहे हैं- जन हित में जारी, सब पर भारी! स्तंभ की लेखिका…

पूनम सोनछात्रा की नौ कविताएँ

आज पढ़िए पूनम सोनछात्रा की दुःख की नौ कविताएँ – अनुरंजनी ============== 1. लड़की मुस्कुराती है न सिर्फ़ तस्वीरों में…

कई मायनों में यह आयोजन सफ़ल रहा

रज़ा न्यास द्वारा आयोजित दो दिवसीय आयोजन ‘युवा’ की यह रपट लिखी है जानकी पुल की युवा संपादक अनुरंजनी ने- …

ज्योत्स्ना मिश्र की कहानी ‘बिल्लियाँ रो रही हैं’

आज पढ़िए ज्योत्स्ना मिश्र की कहानी। ज्योत्स्ना जी की कहानियों की अपनी अलग ज़मीन है और उनकी शैली भी बहुत…

मौलिकता, प्रासंगिकता और इतिहास कसौटी पर ‘मतलब हिन्दू’

आज पढ़िए अम्बर पाण्डेय के उपन्यास ‘मतलब हिन्दू’ पर यह टिप्पणी। लिखा है डॉ कुमारी रोहिणी ने। वाणी प्रकाशन से…

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