क्या अब व्यंग्य का मतलब सिर्फ लोगों को चौंकाना और उनसे प्रतिक्रिया लेना रह गया है?

आज से हम एक नया स्तंभ शुरू कर रहे हैं- जन हित में जारी, सब पर भारी! स्तंभ की लेखिका…

पूनम सोनछात्रा की नौ कविताएँ

आज पढ़िए पूनम सोनछात्रा की दुःख की नौ कविताएँ – अनुरंजनी ============== 1. लड़की मुस्कुराती है न सिर्फ़ तस्वीरों में…

कई मायनों में यह आयोजन सफ़ल रहा

रज़ा न्यास द्वारा आयोजित दो दिवसीय आयोजन ‘युवा’ की यह रपट लिखी है जानकी पुल की युवा संपादक अनुरंजनी ने- …

ज्योत्स्ना मिश्र की कहानी ‘बिल्लियाँ रो रही हैं’

आज पढ़िए ज्योत्स्ना मिश्र की कहानी। ज्योत्स्ना जी की कहानियों की अपनी अलग ज़मीन है और उनकी शैली भी बहुत…

मौलिकता, प्रासंगिकता और इतिहास कसौटी पर ‘मतलब हिन्दू’

आज पढ़िए अम्बर पाण्डेय के उपन्यास ‘मतलब हिन्दू’ पर यह टिप्पणी। लिखा है डॉ कुमारी रोहिणी ने। वाणी प्रकाशन से…

अनवर – प्रभात

बाल साहित्य मेँ आज हम पढ़ते हैँ सुप्रसिद्ध कवि प्रभात की कहानी ‘अनवर’- ******************** अनवर ‘अनवर इतनी देर से निशान्त…

मनीषा कुमारी की कविताएँ

आज पढ़िए मनीषा कुमारी की कविताएँ। मनीषा दौलत राम महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी विशेष द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं।…

प्रेम में एक-दूसरे के ‘स्व’ को बचाने की सीख – ‘अमृता इमरोज़’

इधर हर वर्ष अमृता प्रीतम की जन्म-तिथि पर या उनकी मृत्यु-तिथि पर उनके प्रेम-कहानी का ज़िक्र चलने लगता है। लेकिन…

असर – श्रद्धा थवाईत

बच्चोँ के साहित्य का दायरा इतना तंग नहीँ होता कि वे बड़ोँ की चिन्ताएँ न समझ सके। श्रद्धा थवाईत की…

बसंत पंचमी और अमीर ख़ुसरो का सकल बन

यदि हमलोग इतने भी उदार होते कि ‘दूसरे’ धर्म की रीति अपनाने में कोई झिझक नहीं होती तब यह दुनिया…

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Jankipul : A Bridge of World's Literature एक नयी शुरुआत! मेरा कॉलम #Jankipul के लिए " जनहित में जारी सब पर भारी" आपकी टिप्पणी की अपेक्षा रहेगी