Skip to content
जानकी पुल – A Bridge of World Literature

जानकी पुल - A Bridge of World Literature

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
जानकी पुल – A Bridge of World Literature

जानकी पुल - A Bridge of World Literature

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

prabhat

1292 posts

मनीषा कुलश्रेष्ठ की कहानी \’मौसमों के मकान सूने हैं\’

October 1, 20130 min0
    prabhatcontinue Reading..
    संवाद और संवेदना की रेसिपी और लंचबॉक्स

    संवाद और संवेदना की रेसिपी और लंचबॉक्स

    September 30, 2013August 4, 20251 mins25
      यह सिर्फ ‘लंचबॉक्स‘ फिल्म की समीक्षा नहीं है. उसके बहाने समकालीन मनुष्य के एकांत को समझने…
    • Blog
    prabhatcontinue Reading..

    एक गरिमामयी पुरस्कार की शुरुआत

    September 28, 20131 mins0
    शैलप्रिया स्मृति सम्मान एक दिसंबर 1994 को झारखंड की सुख्यात कवयित्री और स्त्री-संगठनों से जुड़ी सामाजिक कार्यकर्ता…
      prabhatcontinue Reading..

      एक गरिमामयी पुरस्कार की शुरुआत

      September 28, 20131 mins0
      शैलप्रिया स्मृति सम्मान एक दिसंबर 1994 को झारखंड की सुख्यात कवयित्री और स्त्री-संगठनों से जुड़ी सामाजिक कार्यकर्ता…
        prabhatcontinue Reading..

        कोफ़ी अवूनोर को श्रद्धांजलि स्वरुप उनकी एक लम्बी कविता हिंदी में

        September 25, 20131 mins0
        हाल में नैरोबी में हुए आतंकी हमले में घाना के कवि कोफ़ी अवूनोर भी मरने वालों में थे.…
          prabhatcontinue Reading..

          कोफ़ी अवूनोर को श्रद्धांजलि स्वरुप उनकी एक लम्बी कविता हिंदी में

          September 25, 20131 mins0
          हाल में नैरोबी में हुए आतंकी हमले में घाना के कवि कोफ़ी अवूनोर भी मरने वालों में थे.…
            prabhatcontinue Reading..

            दूर एक चोटी है हर रोज़ उसे मैं यूँ ही ताकती हूँ

            September 22, 20131 mins0
            आज युवा कवयित्री प्रकृति करगेती की कविताएँ. इनको पढ़ते हुए लगता है कि समकालीन कविता की संवेदना…
              prabhatcontinue Reading..

              दूर एक चोटी है हर रोज़ उसे मैं यूँ ही ताकती हूँ

              September 22, 20131 mins0
              आज युवा कवयित्री प्रकृति करगेती की कविताएँ. इनको पढ़ते हुए लगता है कि समकालीन कविता की संवेदना…
                prabhatcontinue Reading..

                मैं औरत हूँ एक जिसके दिल में समय थम सा गया है

                September 18, 20131 mins0
                निजार कब्बानी की कुछ कविताओं के बहुत आत्मीय अनुवाद कवयित्री-कथाकार अपर्णा मनोज ने किये हैं. कुछ चुने…
                  prabhatcontinue Reading..

                  मैं औरत हूँ एक जिसके दिल में समय थम सा गया है

                  September 18, 20131 mins0
                  निजार कब्बानी की कुछ कविताओं के बहुत आत्मीय अनुवाद कवयित्री-कथाकार अपर्णा मनोज ने किये हैं. कुछ चुने…
                    prabhatcontinue Reading..
                    • 1
                    • …
                    • 86
                    • 87
                    • 88
                    • 89
                    • 90
                    • …
                    • 130

                    Recent Posts

                    • प्रेम में खामोशी ही अभिव्यक्ति
                    • प्रज्ञा की कहानी ‘चाँद जैसे ख़्वाब’
                    • मोहित नेगी ‘मुंतज़िर’ की कविताएँ
                    • चुनार: वर्तमान के पीछे छिपा अतीत
                    • बोरसी भर आँच: एक महसूस करने वाली अनुभूति

                    Recent Comments

                    1. Partha Choudhury on कसप उपन्यास की बेबी उर्फ़ मैत्रेयी मिश्रा
                    2. Sarita Singh on आकृति विज्ञा ‘अर्पण’ की पाँच कविताएँ
                    3. Swati Yadav on यारोस्लावास मेलनिकस की कहानी ‘अंतिम दिन’
                    4. Amisha Aneja on यारोस्लावास मेलनिकस की कहानी ‘अंतिम दिन’
                    5. sheodayal on अर्पण कुमार की पाँच कविताएँ
                    जानकी पुल – A Bridge of World Literature

                    जानकी पुल - A Bridge of World Literature

                    Facebook Instagram Whatsapp
                    जानकी पुल - A Bridge of World Literature 2026. Designed by www.rktechwebsitedesign.com