संवाद और संवेदना की रेसिपी और लंचबॉक्स
यह सिर्फ ‘लंचबॉक्स‘ फिल्म की समीक्षा नहीं है. उसके बहाने समकालीन मनुष्य के एकांत को समझने…
एक गरिमामयी पुरस्कार की शुरुआत
शैलप्रिया स्मृति सम्मान एक दिसंबर 1994 को झारखंड की सुख्यात कवयित्री और स्त्री-संगठनों से जुड़ी सामाजिक कार्यकर्ता…
एक गरिमामयी पुरस्कार की शुरुआत
शैलप्रिया स्मृति सम्मान एक दिसंबर 1994 को झारखंड की सुख्यात कवयित्री और स्त्री-संगठनों से जुड़ी सामाजिक कार्यकर्ता…
कोफ़ी अवूनोर को श्रद्धांजलि स्वरुप उनकी एक लम्बी कविता हिंदी में
हाल में नैरोबी में हुए आतंकी हमले में घाना के कवि कोफ़ी अवूनोर भी मरने वालों में थे.…
कोफ़ी अवूनोर को श्रद्धांजलि स्वरुप उनकी एक लम्बी कविता हिंदी में
हाल में नैरोबी में हुए आतंकी हमले में घाना के कवि कोफ़ी अवूनोर भी मरने वालों में थे.…
दूर एक चोटी है हर रोज़ उसे मैं यूँ ही ताकती हूँ
आज युवा कवयित्री प्रकृति करगेती की कविताएँ. इनको पढ़ते हुए लगता है कि समकालीन कविता की संवेदना…
दूर एक चोटी है हर रोज़ उसे मैं यूँ ही ताकती हूँ
आज युवा कवयित्री प्रकृति करगेती की कविताएँ. इनको पढ़ते हुए लगता है कि समकालीन कविता की संवेदना…
मैं औरत हूँ एक जिसके दिल में समय थम सा गया है
निजार कब्बानी की कुछ कविताओं के बहुत आत्मीय अनुवाद कवयित्री-कथाकार अपर्णा मनोज ने किये हैं. कुछ चुने…
मैं औरत हूँ एक जिसके दिल में समय थम सा गया है
निजार कब्बानी की कुछ कविताओं के बहुत आत्मीय अनुवाद कवयित्री-कथाकार अपर्णा मनोज ने किये हैं. कुछ चुने…

