हाल में ही ‘सरहद के आर-पार की शायरी’ ऋंखला के तहत राजपाल एंड संज प्रकाशन से कुछ किताबों का प्रकाशन…
Author: prabhat
‘मैंने मांडू नहीं देखा’ को पढ़ने के बाद
कवि यतीश कुमार ने हाल में काव्यात्मक समीक्षा की शैली विकसित की है। वे कई किताबों की समीक्षा इस…
ईशान त्रिवेदी की नई कहानी ‘उड़न’
ईशान त्रिवेदी की कहानियाँ एडिक्टिव होती हैं- एक पढ़िए तो दूसरी पढ़ने की तमन्ना जाग उठती है। यह उनकी…
गाँधी का अंत संवाद की एक परंपरा का अंत था
आज की पीढ़ी गांधी के बारे में क्या सोचती है यह जानना मेरे लिए ज़्यादा ज़रूरी है।यह लेख अमृतांशु…
लोकप्रियता को कलात्मक-वैचारिक स्तर का पैमाना नहीं बनाया जा सकता
एक ज़माने में जिसको लुगदी साहित्य कहा जाता था आज वह लोकप्रिय साहित्य कहा जाता है। उसकी परम्परा पर वरिष्ठ…
गौरव सोलंकी की तीन कविताएँ
गौरव सोलंकी को हम उनकी कहानियों के लिए जानते हैं, आर्टिकल 15 जैसी सामाजिक सरोकार से जुड़ी फ़िल्म के लेखक…
लापरवाह, चरित्रहीन, आवारा, मसीहा : आखिर तुम कौन हो शरत!
शरतचंद्र की जयंती पर देवेंद्र शर्मा का यह गद्य पढ़ा तो साझा करने से रोक नहीं पाया- मॉडरेटर —————————————————————– अब,…
प्रदीपिका सारस्वत की नई कहानी ‘शायद’
युवा लेखिका प्रदीपिका सारस्वत की कहानियों, कविताओं का अपना अलग ही मिज़ाज है। वह कुछ हासिल करने के लिए…
राजेंद्र राव के कहानी संग्रह ‘कोयला भई न राख’ पर यतीश कुमार के नोट्स
वरिष्ठ कथाकार राजेंद्र राव के कहानी संग्रह ‘कोयला भई न राख’ पर कवि यतीश कुमार के कुछ नोट्स अपने आपमें…
गीताश्री की कहानी ‘लिच्छवि राजकुमारी’
प्राचीन भारत में रूपवती और गुणवती स्त्रियों के समक्ष जो समस्या थी वही आज भी है- उसे समझने वाला…



