‘पीली छतरी वाली लड़की’ की काव्य समीक्षा

यतीश कुमार की काव्यात्मक समीक्षा इस बार उदय प्रकाश के उपन्यास ‘पीली छतरी वाली लड़की’ की है। पढ़कर बताइए कैसा…

कितना प्यार करता हूँ मैं इण्डियन फ़िल्म्स से!  

  एक उभरते हुए रूसी बाल-साहित्यकार हैं- सिर्गेइ पिरिल्यायेव। उन्हें भारत और भारतीय फिल्मों से दीवानगी की हद तक प्यार है। अपनी जीवनी…

मनोहर श्याम जोशी के उपन्यास ‘कौन हूँ मैं’ पर एक टिप्पणी

  आज हिंदी के हरफ़नमौला लेखक मनोहर श्याम जोशी की पुण्यतिथि है। 2006 में आज के दिन उनका निधन हो…

कुशाग्र अद्वैत की कुछ नई कविताएँ

कुशाग्र अद्वैत बीएचयू में बीए के छात्र हैं और बहुत अच्छी कविताएँ लिखते हैं। उनकी कुछ नई कविताएँ पढ़िए- =================…

23 मार्च एक जज्बाती याद : कवि पाश

आज शहीदी दिवस है- भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत का दिन। आज के ही दिन पंजाबी के क्रांतिकारी…

अज्ञेय के उपन्यास ‘अपने अपने अजनबी’ का एक अंश

  आज बैठे बैठे अज्ञेय के उपन्यास ‘अपने अपने अजनबी’ की याद आई। उपन्यास के केंद्र में मृत्यु का भय…

फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी ‘पहलवान की ढोलक’

  कल रात प्रधानमंत्री जी ने रविवार की रात थाली-ताली बजाने का आह्वान किया। कुछ समझ पाता कि सुबह देखा…

हिन्दी रंगपरिदृश्य और नाट्यालेखन:हृषीकेश सुलभ

  हृषीकेश सुलभ को कथाकार-उपन्यासकार के अलावा हम सब नाटककार और रंगकर्म विशेषज्ञ के रूप में दशकों से जानते रहे…

मिखाइल बुल्गाकोव की कहानी ‘देसी दारू का तालाब’

  कल महान रूसी लेखक मिखाइल बुल्गाकोव की 80 वीं पुण्यतिथि थी। उनकी इस व्यंग्य रचना का मूल रूसी भाषा…

जौन एलिया का लेख ‘मर्द बुर्का ओढ़ें’

 जौन एलिया के इस लेख का अनुवाद किया था इरशाद ख़ान सिकंदर ने। उन्होंने इस लेख का लिप्यंतरण नहीं किया…

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