23 मार्च एक जज्बाती याद : कवि पाश

आज शहीदी दिवस है- भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत का दिन। आज के ही दिन पंजाबी के क्रांतिकारी…

अज्ञेय के उपन्यास ‘अपने अपने अजनबी’ का एक अंश

  आज बैठे बैठे अज्ञेय के उपन्यास ‘अपने अपने अजनबी’ की याद आई। उपन्यास के केंद्र में मृत्यु का भय…

फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी ‘पहलवान की ढोलक’

  कल रात प्रधानमंत्री जी ने रविवार की रात थाली-ताली बजाने का आह्वान किया। कुछ समझ पाता कि सुबह देखा…

हिन्दी रंगपरिदृश्य और नाट्यालेखन:हृषीकेश सुलभ

  हृषीकेश सुलभ को कथाकार-उपन्यासकार के अलावा हम सब नाटककार और रंगकर्म विशेषज्ञ के रूप में दशकों से जानते रहे…

मिखाइल बुल्गाकोव की कहानी ‘देसी दारू का तालाब’

  कल महान रूसी लेखक मिखाइल बुल्गाकोव की 80 वीं पुण्यतिथि थी। उनकी इस व्यंग्य रचना का मूल रूसी भाषा…

जौन एलिया का लेख ‘मर्द बुर्का ओढ़ें’

 जौन एलिया के इस लेख का अनुवाद किया था इरशाद ख़ान सिकंदर ने। उन्होंने इस लेख का लिप्यंतरण नहीं किया…

उषाकिरण खान की कहानी ‘पोर्ट्रेट’

  हिंदी और मैथिली की वरिष्ठ लेखिका उषाकिरण खान की कहानी पढ़िए। एक साधारण सी घटना की करूण कहानी- मॉडरेटर…

भविष्य का समाज: सहजीविता के आयाम: जसिंता केरकेट्टा

    जसिंता केरकेट्टा कवयित्री हैं, आदिवासी समाज की मुखर आवाज़ हैं। राजकमल स्थापना दिवस के आयोजन में 28 फ़रवरी…

किस्सागोई : वाचिक परंपरा का नया दौर:हिमांशु बाजपेयी

राजकमल स्थापना दिवस पर आयोजित ‘भविष्य के स्वर’ में एक वक्तव्य प्रसिद्ध दास्तानगो हिमांशु बाजपेयी का भी था। हिंदुस्तानी की…

हजारों वर्ष बाद भी स्त्रियों की स्थिति में बहुत बदलाव नहीं आया है

  आशा प्रभात मेरे गृह नगर सीतामढ़ी में रहती हैं और अपने लेखन से उन्होंने बड़ी पहचान बनाई है। सीता…

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