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जानकी पुल – A Bridge of World Literature

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prabhat

1263 posts

दुःख में हो मोनालिसा?

July 28, 20131 mins0
कुछ दिनों पहले वरिष्ठ कवयित्री सुमन केसरी ने मोनालिसा को लेकर कुछ कवितायेँ लिखी थी. आज समकालीन…
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    भारतीय सिनेमा का लास्ट लियर

    July 23, 2013August 6, 20251 mins8
    युवा लेखक कुणाल सिंह सिनेमा की गहरी समझ रखते हैं. हाल में ही दिवंगत हुए फिल्मकार ऋतुपर्णो…
    • फिल्म समीक्षा
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    भारतीय सिनेमा का लास्ट लियर

    July 23, 20131 mins0
    युवा लेखक कुणाल सिंह सिनेमा की गहरी समझ रखते हैं. हाल में ही दिवंगत हुए फिल्मकार ऋतुपर्णो…
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      भारतीय सिनेमा का लास्ट लियर

      July 23, 20131 mins0
      युवा लेखक कुणाल सिंह सिनेमा की गहरी समझ रखते हैं. हाल में ही दिवंगत हुए फिल्मकार ऋतुपर्णो…
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        चाँद! उस रात तुम कितने सुंदर लग रहे थे

        July 21, 2013August 13, 20251 mins122
        स्वाति अर्जुन को हम एक सजग पत्रकार के रूप में जानते रहे हैं, वह एक संवेदनशील कवयित्री…
        • ब्लॉग
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        चाँद! उस रात तुम कितने सुंदर लग रहे थे

        July 21, 20131 mins0
        स्वाति अर्जुन को हम एक सजग पत्रकार के रूप में जानते रहे हैं, वह एक संवेदनशील कवयित्री…
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          चाँद! उस रात तुम कितने सुंदर लग रहे थे

          July 21, 20131 mins0
          स्वाति अर्जुन को हम एक सजग पत्रकार के रूप में जानते रहे हैं, वह एक संवेदनशील कवयित्री…
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            जाल बहेलिया ही बिछा सकता है जानवर नहीं

            July 19, 20131 mins0
            प्रियदर्शन की ये कविताएं प्रासंगिक भी हैं और बहुत कुछ सोचने को विवश भी करती हैं- \’जानवरों…
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              जाल बहेलिया ही बिछा सकता है जानवर नहीं

              July 19, 20131 mins0
              प्रियदर्शन की ये कविताएं प्रासंगिक भी हैं और बहुत कुछ सोचने को विवश भी करती हैं- \’जानवरों…
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                जेहन के जहान में

                July 14, 20131 mins0
                पेशे से प्राध्यापिका सुनीता एक संवेदनशील कवयित्री हैं. कुछ सोचती हुई, कुछ कहती हुई उनकी कविताओं का…
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                  • मसला वर्गीकरण का नहीं, मेहनताने का था
                  • सुरेंद्र मोहन पाठक की निगाह में लिट फ़ेस्ट

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