Meritking Giriş: Meritking Spor BahisleriMarsbahis Giriş: Marsbahis Para Yatırma Ve Çekme İşlemleriMavibet Giriş: Mavibet Güvenilir Mi, Mavibet Bonus Ve Kampanyalarİzmit Escort BayanMeritking Giriş: Meritking Güvenilir Mi, Meritking Bonus Ve KampanyalarMarsbahis Giriş: Marsbahis Giriş Adresi, Marsbahis Mobilden Giriş 2026Mavibet Giriş: Mavibet Spor Bahisleri, Mavibet Casino Ve Slot OyunlarıMeritking Giriş: Meritking Spor BahisleriMarsbahis Giriş: Marsbahis Para Yatırma Ve Çekme İşlemleriMavibet Giriş: Mavibet Güvenilir Mi, Mavibet Bonus Ve KampanyalarMeritking Giriş: Meritking Giriş Adresi, Meritking Casino Ve Slot OyunlarıMarsbahis Giriş: Marsbahis Güvenilir Mi, Marsbahis Spor BahisleriMavibet Giriş: Mavibet Para Yatırma Ve Çekme İşlemleriMeritking Giriş: Meritking Spor BahisleriMarsbahis Giriş: Marsbahis Para Yatırma Ve Çekme İşlemleriMavibet Giriş: Mavibet Güvenilir Mi, Mavibet Mobilden Giriş 2026Meritking Giriş: Meritking Para Yatırma Ve Çekme İşlemleriMarsbahis Giriş: Marsbahis Spor BahisleriMavibet Giriş: Mavibet Giriş Adresi, Mavibet Güvenilir MiMeritking Giriş: Meritking Giriş Adresi, Meritking Casino Ve Slot OyunlarıMarsbahis Giriş: Marsbahis Güvenilir Mi, Marsbahis Spor BahisleriMavibet Giriş: Mavibet Para Yatırma Ve Çekme İşlemleriMeritking Giriş: Meritking Spor Bahisleri, Meritking Casino Ve Slot OyunlarıMarsbahis Giriş: Marsbahis Para Yatırma Ve Çekme İşlemleriMavibet Giriş: Mavibet Güvenilir Mi, Mavibet Bonus Ve KampanyalarMeritking Giriş: Meritking Canlı Destek Ve İletişimMarsbahis Giriş: Marsbahis Casino Ve Slot OyunlarıMavibet Giriş: Mavibet Bonus Ve KampanyalarMeritking Giriş: Meritking Spor Bahisleri, Meritking Giriş AdresiMarsbahis Giriş: Marsbahis Para Yatırma Ve Çekme İşlemleriMavibet Giriş: Mavibet Güvenilir MiMeritking Giriş: Meritking Canlı Destek Ve İletişimMarsbahis Giriş: Marsbahis Casino Ve Slot Oyunları, Marsbahis Spor BahisleriMavibet Giriş: Mavibet Bonus Ve Kampanyalar, Mavibet Giriş AdresiMeritking Giriş: Meritking Güvenilir Mi, Meritking Bonus Ve KampanyalarMarsbahis Giriş: Marsbahis Giriş Adresi, Marsbahis Mobilden Giriş 2026Mavibet Giriş: Mavibet Spor BahisleriMeritking Giriş: Meritking Giriş Adresi, Meritking Mobilden Giriş 2026Marsbahis Giriş: Marsbahis Güvenilir Mi, Marsbahis Bonus Ve KampanyalarMavibet Giriş: Mavibet Para Yatırma Ve Çekme İşlemleriMeritking Giriş: Meritking Para Yatırma Ve Çekme İşlemleriMarsbahis Giriş: Marsbahis Spor Bahisleri, Marsbahis Casino Ve Slot OyunlarıMavibet Giriş: Mavibet Giriş Adresi, Mavibet Mobilden Giriş 2026Meritking Giriş: Meritking Canlı Destek Ve İletişimMarsbahis Giriş: Marsbahis Casino Ve Slot OyunlarıMavibet Giriş: Mavibet Bonus Ve KampanyalarMeritking Giriş: Meritking Giriş AdresiMarsbahis Giriş: Marsbahis Güvenilir MiMavibet Giriş: Mavibet Para Yatırma Ve Çekme İşlemleriMeritking Giriş: Meritking Güvenilir Mi, Meritking Giriş AdresiMarsbahis Giriş: Marsbahis Giriş Adresi, Marsbahis Bonus Ve KampanyalarMavibet Giriş: Mavibet Spor Bahisleri, Mavibet Casino Ve Slot OyunlarıMeritking Giriş: Meritking Spor Bahisleri, Meritking Casino Ve Slot OyunlarıMarsbahis Giriş: Marsbahis Para Yatırma Ve Çekme İşlemleriMavibet Giriş: Mavibet Güvenilir Mi, Mavibet Bonus Ve KampanyalarMeritking Giriş: Meritking Spor Bahisleri, Meritking Casino Ve Slot OyunlarıMarsbahis Giriş: Marsbahis Para Yatırma Ve Çekme İşlemleriMavibet Giriş: Mavibet Güvenilir Mi, Mavibet Bonus Ve KampanyalarMeritking Giriş: Meritking Güvenilir Mi, Meritking Bonus Ve KampanyalarMarsbahis Giriş: Marsbahis Giriş Adresi, Marsbahis Mobilden Giriş 2026Mavibet Giriş: Mavibet Spor BahisleriAntalya Escortsonbahissonbahis girişsonbahisMeritkingmeritkingmeritking girişmeritkingHoliganbetHoliganbet girişHoliganbetkalitebetTeosbetTeosbet girişTeosbetRomabetRomabet girişRomabetEnbetEnbet girişEnbetBetplayBetplay girişBetplayMavibetMavibet girişMavibetİmajbetİmajbet girişİmajbetJasminbetJasminbet girişJasminbetgrandpashabetholiganbetjojobetholiganbetholiganbetlunabetlunabet girişlunabetinterbahisinterbahis girişinterbahispusulabetpusulabet girişpusulabetMavibetMavibet girişMavibetNerobetNerobet girişNerobetSüpertotobetSüpertotobet girişSüpertotobetimajbetimajbet girişimajbetJasminbetJasminbet girişJasminbetpulibetpulibet girişpulibetbetmoonbetmoon girişbetmoonmeritkingmeritking girişmeritkingextrabetMeritkingMeritking girişMeritkingMarsbahisMarsbahis girişMarsbahisHoliganbetHoliganbet girişHoliganbetMavibetMavibet girişMavibetAvrupabetAvrupabet girişAvrupabetEditörbetEditörbet girişEditörbetBetasusBetasus girişBetasusEnbetEnbet girişEnbetAmgbahisAmgbahis girişAmgbahisNerobetNerobet girişNerobetJasminbetJasminbet girişJasminbetPulibetPulibet girişPulibetBetmoonBetmoon girişBetmoonBetasusBetasus girişBetasusAntalya Escort BayanAntalya EscortBetkolikBetkolik girişBetkolikTeosbetTeosbet girişTeosbetRomabetRomabet girişRomabetkulisbetkulisbet girişkulisbetEnjoybetEnjoybet girişEnjoybetEditörbetEditörbet girişEditörbetMavibetMavibet girişMavibetBetzulaBetzula girişBetzulaGrandbettingGrandbetting girişGrandbettingBetraBetra girişBetraAmgbahisAmgbahis girişAmgbahisAtlasbetAtlasbet girişAtlasbetMasterbettingMasterbetting girişMasterbettingBetsilinBetsilin girişBetsilinKulisbetKulisbet girişKulisbetGalabetGalabet girişGalabetRomabetRomabet girişRomabetAlobetAlobet girişAlobetRoketbetRoketbet girişTeosbetTeosbet girişTeosbetjokerbetjokerbet girişjokerbetAresbetAresbet girişAresbetAvrupabetAvrupabet girişEnjoybetEnjoybet girişEnjoybetBetkanyonBetkanyon girişBetkanyonRoketbetRoketbet girişRoketbetAvrupabetAvrupabet girişAvrupabetBetzulaBetzula girişBetzulaSonbahisSonbahis girişSonbahisAresbetAresbet girişAresbetPashagamingPashagaming girişPashagamingGrandbettingGrandbetting girişGrandbettingBetraBetra girişBetraAmgbahisAmgbahis girişAmgbahisAtlasbetAtlasbet girişAtlasbetMasterbettingMasterbetting girişMasterbettingBetsilinBetsilin girişBetsilinKulisbetKulisbet girişKulisbetBetkanyonBetkanyon girişBetkanyonRomabetRomabet girişRomabetRoketbetRoketbet girişRoketbetGalabetGalabet girişGalabetAlobetAlobet girişAlobetartemisbetartemisbet girişartemisbethitbethitbet girişhitbetLunabetLunabet girişLunabetbetsmovebetsmove girişbetsmoveegebetegebet girişegebetMavibetMavibet girişMavibetTurboslotTurboslot girişTurboslotbetebetbetebet girişbetebetJasminbetJasminbet girişJasminbetromabetromabet girişromabetbetsilinbetsilin girişbetsilinroketbetroketbet girişroketbetmasterbettingmasterbetting girişmasterbettingbahiscasinobahiscasino girişbahiscasinogalabetgalabet girişgalabetavrupabetavrupabet girişavrupabetsonbahissonbahis girişsonbahisalobetalobet girişalobetpashagamingpashagaming girişpashagamingteosbetteosbet girişteosbetjokerbetjokerbet girişjokerbetenbetenbet girişenbetgrandbettinggrandbetting girişgrandbettingatlasbetatlasbet girişatlasbetpolobetpolobet girişpolobetbetnisbetnis girişbetnisamgbahisamgbahis girişamgbahisultrabetultrabet girişultrabetenjoybetenjoybet girişenjoybet

लेखक समाज और जनता का चौकीदार होता है

कुंवर नारायण के किसी परिचय की ज़रूरत नहीं है. ८० पार की उम्र हो गई है लेकिन साहित्य-साधना उनके लिए आज भी पहली प्राथमिकता है. भारत में साहित्य के सबसे बड़े पुरस्कार ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजे जा चुके इस लेखक से शशिकांत ने बातचीत की. प्रस्तुत है आपके लिए- जानकी पुल.

रचना जीवन मूल्यों से जुड़कर अभिव्यक्ति पाती है। लेखक का हदय बड़ा होना चाहिए, अन्यथा आपका लेखन बनावटी-सा लगता है। जिस दौर में मैंने पढऩा-लिखना शुरू किया, हमारे बीच ऐसे कई लेखक थे, जिनकी रचनाओं में और उनके व्यक्तित्व में सामाजिक सरोकार और जीवन-दृष्टि स्पष्ट रूप से दिखाई देती थी। उस समय भी और आज भी जब-जब मैं लिखने बैठता हूं तो मुझे उन लेखकों की याद आती है। 
हमारी नई पीढ़ी के लेखकों को उनकी भाषा, उनके साहित्य और उनकी जीवन दृष्टि से प्रेरणा लेनी चाहिए। उदाहरण के तौर पर मशहूर चित्रकार वानगॉग को ही देखा जाए। उनकी जिंदगी में एक समय इतनी गरीबी आ गई थी कि उनके पास कैनवास खरीदने के पैसे तक नहीं होते थे। लेकिन फिर भी कला के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर कोई आंच नहीं आई। वे दवाई के डिब्बे पर चारकोल से पेंटिंग करते थे। क्योंकि कलर खरीदने के पैसे भी उनके पास नहीं होते थे। और आज उनकी वे पेंटिंग बहुत महंगे बिक रहे हैं।
दरअसल सच्चे लेखक और कलाकार में खुद को अभिव्यक्त करने की हुड़क होती है। एक बड़े कवि-लेखक में इस तरह का सामाजिक सरोकार होना ही चाहिए। निराला और उनके समकालीन कई बड़े कवियों पर यह लागू होती है। मेरी नजर में आज भी ऐसे बहुत से लेख हैं और ऐसा लेखन हो रहा है जिसमें सामाजिक सरोकार स्पष्ट तौर पर दिखाई देता है। लेकिन यह भी सच है कि कुछ ऐसे भी लेखक हैं जिनके  लेखन में समाजिक सरोकार बनावटी सा लगता है।
आपको समझना चाहिए कि आज हमारी जिंदगी काफी जटिल हो गई है। कई तरह की समस्याएं हमारे सामने हैं। लेकिन मैं मानता हूं कि यदि समस्याएं और चुनौतियां बढ़ी हैं तो उनका सामना करने का हमारा सामर्थ्य भी बढ़ा है। हर जमाने में समस्याएं रहती हैं और हर पीढ़ी को उनका सामना करना पड़ता है। लेकिन आज हम एक ऐसे कठिन समय में जी रहे हैं जिसमें मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। वे कौन कौन सी मुश्किलें हैं? उन मुश्किलों से कैसे निपटा जाए, हमारे समय के लेखकों को इसका उपचार खोजना होगा।
हमारे समय के लेखक पूरी शक्ति के साथ इसके इलाज के बारे में नहीं सोच पा रहे हैं। यह सच हो सकता है। लेकिन हमारे बीच के कुछ लेखकों का ध्यान इन समस्याओं पर जा रहा है। हमें इसका संतोष भी होना चाहिए। दरअसल जब से पंजाब का विभाजन हुआ है, उसके बाद कम से कम यह नहीं कहा जा सकता कि हमारा साहित्य अपने समय और समाज की समस्याओं के प्रति निरपेक्ष रहा है। साहित्यकारों की दृष्टि अपने आसपास की समस्याओं पर रहती है। यह छूटनेवाली नहीं है, खासकर तब जब हम एक ऐसे कठिन और अत्याचारी समय में रह रहे हैं।
जहां तक लेखक और सत्ता के बीच संबंध का प्रश्न है, साहित्य के साथ लेखक का संबंध जटिल रहा है। इतिहास में ऐसे तमाम उदाहरण हैं कि सत्ता के साथ रहते हुए भी लेखकों ने अच्छे साहित्य की रचना की है। लेकिन ज्यादातर लेखकों ने सत्ता से बाहर रहकर अच्छा लिखा है और खतरे भी उठाए हैं। फिरदौसी ने महमूद के वक्त महमूद को खुश करने के लिए शाहनामालिखा। महमूद गजनवी ने फिरदौसी को यह वचन दिया था कि वह हर शब्द के लिए एक दीनार देगा। वर्षों की मेहनत के बाद जब फिरदौसी शाहनामालेकर महमूद गजनवी के पास गया तो महमूद को वह किताब पसंद नहीं आई। उसने उसे प्रत्येक शब्द के लिए एक दीनार नहीं बल्कि एक दिरहम का भुगतान करने का आदेश दिया। फिरदौसी खाली हाथ अपने घर लौट गया। यह वादाखिलाफी थी जैसे किसी कवि के  प्रति शब्द एक रुपये देने का वचन देकर प्रति शब्द एक पैसा दिया जाए। उसके बाद फिरदौसी ने महमूद के खिलाफ लिखने लगा। उसके बाद महमूद को  उसके मंत्रियों ने सलाह दी कि फिरदौसी को उसी दर पर भुगतान किया जाए जो तय की गयी थी। महमूद ने आदेश दे दिया। दीनारों
से भरी गाड़ी जब फिरदौसी के घर पहुंची तो उसकी लाश निकल रही थी। पूरी उम्र गरीबी
, बेबसी और फटेहाली में काटने के बाद फिरदौसी मर चुका था।
जो लेखक सत्ता के साथ रहते हैं उन्हें देखना चाहिए कि सत्ता जनता के प्रति प्रतिबद्ध है या नहीं, क्योंकि एक लेखक के लिए आम जनता का हित सर्वोपरि है। लेखक को जनता का प्रतिनिधि होना चाहिए। राज्यसत्ता तभी तक  जब तक वह जनता के पक्ष में है। अगर राजसत्ता जनता से जुड़े अपने सरोकारों से पीछे हट जाती है तो लेखक को भी सत्ता से नाता तोड़ लेना चाहिए। एक सच्चे लेखक के लिए सबसे पहली और जरूरी चीज है- आजादी। वह अपने पक्ष बदल सकता है क्योंकि वह समाज और जनता का चौकीदार है।
इस बात में कुछ सच्चाई है कि आज कुछ लेखक सत्ता और बाजार का समर्थन कर रहे हैं। मैं साहित्य और कला के उत्सवों के आयोजन के खिलाफ नहीं हूं लेकिन ऐसे मौकों पर हमारा ध्यान साहित्य और ला से जुड़े विषयों और मुद्दों पर केंद्रित रहना चाहिए। ऐसे उत्सव यदि लेखकों और पाठकों का ध्यान खींचते हैं और उन्हें एक दूसरे के साथ संवाद करने के मौके देते हैं तो ऐसे साहित्यिक उत्सव जरूर आयोजित होने चाहिए। मैं साहित्य उत्सवों को एक अवसर के रूप में देखता हूं।
इस संदर्भ में एक उदाहरण मैं देना चाहूंगा। अशोक वाजपेयी ने जब भोपाल में भारत भवन बनाया तब वे देश और दुनिया भर के लेखकों, कलाकारों को वहां आमंत्रित करते थे। हमलोग वहां एक साथ बैठते थे और साहित्य एवं कला के मुद्दे पर गंभीर बातचीत करते थे। जहां तक नई पीढ़ी के लेखकों का सवाल है, मैं उनसे बार-बार कहता हूं कि श्रेष्ठ लेखन के लिए अध्ययन अत्यंत जरूरी है। जीवन का अनुभव हर किसी के पास होता है, लेकिन अध्ययन से आपके जीवनानुभव में प्रखरता आ जाती है। पढ़ते हुए आप दूसरे के जीवनानुभवों और विचारों से गहरे रूप से जुड़ते हैं,  आत्म-मंथन करते हैं और खुद को, समय को और समाज की समस्याओं को बेहतर ढंग से अभिव्यक्ति कर पाते हैं। दरअसल, अध्ययन का एक संश्लिष्ट रूप है लेखन का। अपने जीवन में मुझे हमेशा पढऩे में दिलचस्पी रही है। इसलिए पढऩे-लिखने को मैं एक संयुक्त कर्म मानता हूं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कुंवर नारायण के किसी परिचय की ज़रूरत नहीं है. ८० पार की उम्र हो गई है लेकिन साहित्य-साधना उनके लिए आज भी पहली प्राथमिकता है. भारत में साहित्य के सबसे बड़े पुरस्कार ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजे जा चुके इस लेखक से शशिकांत ने बातचीत की. प्रस्तुत है आपके लिए- जानकी पुल.

रचना जीवन मूल्यों से जुड़कर अभिव्यक्ति पाती है। लेखक का हदय बड़ा होना चाहिए, अन्यथा आपका लेखन बनावटी-सा लगता है। जिस दौर में मैंने पढऩा-लिखना शुरू किया, हमारे बीच ऐसे कई लेखक थे, जिनकी रचनाओं में और उनके व्यक्तित्व में सामाजिक सरोकार और जीवन-दृष्टि स्पष्ट रूप से दिखाई देती थी। उस समय भी और आज भी जब-जब मैं लिखने बैठता हूं तो मुझे उन लेखकों की याद आती है। 
हमारी नई पीढ़ी के लेखकों को उनकी भाषा, उनके साहित्य और उनकी जीवन दृष्टि से प्रेरणा लेनी चाहिए। उदाहरण के तौर पर मशहूर चित्रकार वानगॉग को ही देखा जाए। उनकी जिंदगी में एक समय इतनी गरीबी आ गई थी कि उनके पास कैनवास खरीदने के पैसे तक नहीं होते थे। लेकिन फिर भी कला के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर कोई आंच नहीं आई। वे दवाई के डिब्बे पर चारकोल से पेंटिंग करते थे। क्योंकि कलर खरीदने के पैसे भी उनके पास नहीं होते थे। और आज उनकी वे पेंटिंग बहुत महंगे बिक रहे हैं।
दरअसल सच्चे लेखक और कलाकार में खुद को अभिव्यक्त करने की हुड़क होती है। एक बड़े कवि-लेखक में इस तरह का सामाजिक सरोकार होना ही चाहिए। निराला और उनके समकालीन कई बड़े कवियों पर यह लागू होती है। मेरी नजर में आज भी ऐसे बहुत से लेख हैं और ऐसा लेखन हो रहा है जिसमें सामाजिक सरोकार स्पष्ट तौर पर दिखाई देता है। लेकिन यह भी सच है कि कुछ ऐसे भी लेखक हैं जिनके  लेखन में समाजिक सरोकार बनावटी सा लगता है।
आपको समझना चाहिए कि आज हमारी जिंदगी काफी जटिल हो गई है। कई तरह की समस्याएं हमारे सामने हैं। लेकिन मैं मानता हूं कि यदि समस्याएं और चुनौतियां बढ़ी हैं तो उनका सामना करने का हमारा सामर्थ्य भी बढ़ा है। हर जमाने में समस्याएं रहती हैं और हर पीढ़ी को उनका सामना करना पड़ता है। लेकिन आज हम एक ऐसे कठिन समय में जी रहे हैं जिसमें मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। वे कौन कौन सी मुश्किलें हैं? उन मुश्किलों से कैसे निपटा जाए, हमारे समय के लेखकों को इसका उपचार खोजना होगा।
हमारे समय के लेखक पूरी शक्ति के साथ इसके इलाज के बारे में नहीं सोच पा रहे हैं। यह सच हो सकता है। लेकिन हमारे बीच के कुछ लेखकों का ध्यान इन समस्याओं पर जा रहा है। हमें इसका संतोष भी होना चाहिए। दरअसल जब से पंजाब का विभाजन हुआ है, उसके बाद कम से कम यह नहीं कहा जा सकता कि हमारा साहित्य अपने समय और समाज की समस्याओं के प्रति निरपेक्ष रहा है। साहित्यकारों की दृष्टि अपने आसपास की समस्याओं पर रहती है। यह छूटनेवाली नहीं है, खासकर तब जब हम एक ऐसे कठिन और अत्याचारी समय में रह रहे हैं।
जहां तक लेखक और सत्ता के बीच संबंध का प्रश्न है, साहित्य के साथ लेखक का संबंध जटिल रहा है। इतिहास में ऐसे तमाम उदाहरण हैं कि सत्ता के साथ रहते हुए भी लेखकों ने अच्छे साहित्य की रचना की है। लेकिन ज्यादातर लेखकों ने सत्ता से बाहर रहकर अच्छा लिखा है और खतरे भी उठाए हैं। फिरदौसी ने महमूद के वक्त महमूद को खुश करने के लिए शाहनामालिखा। महमूद गजनवी ने फिरदौसी को यह वचन दिया था कि वह हर शब्द के लिए एक दीनार देगा। वर्षों की मेहनत के बाद जब फिरदौसी शाहनामालेकर महमूद गजनवी के पास गया तो महमूद को वह किताब पसंद नहीं आई। उसने उसे प्रत्येक शब्द के लिए एक दीनार नहीं बल्कि एक दिरहम का भुगतान करने का आदेश दिया। फिरदौसी खाली हाथ अपने घर लौट गया। यह वादाखिलाफी थी जैसे किसी कवि के  प्रति शब्द एक रुपये देने का वचन देकर प्रति शब्द एक पैसा दिया जाए। उसके बाद फिरदौसी ने महमूद के खिलाफ लिखने लगा। उसके बाद महमूद को  उसके मंत्रियों ने सलाह दी कि फिरदौसी को उसी दर पर भुगतान किया जाए जो तय की गयी थी। महमूद ने आदेश दे दिया। दीनारों से भरी गाड़ी जब फिरदौसी के घर पहुंची तो उसकी लाश निकल रही थी। पूरी उम्र गरीबी, बेबसी और फटेहाली में काटने के बाद फिरदौसी मर चुका था।
जो लेखक सत्ता के साथ रहते हैं उन्हें देखना चाहिए कि सत्ता जनता के प्रति प्रतिबद्ध है या नहीं, क्योंकि एक लेखक के लिए आम जनता का हित सर्वोपरि है। लेखक को जनता का प्रतिनिधि होना चाहिए। राज्यसत्ता तभी तक  जब तक वह जनता के पक्ष में है। अगर राजसत्ता जनता से जुड़े अपने सरोकारों से पीछे हट जाती है तो लेखक को भी सत्ता से नाता तोड़ लेना चाहिए। एक सच्चे लेखक के लिए सबसे पहली और जरूरी चीज है- आजादी। वह अपने पक्ष बदल सकता है क्योंकि वह समाज और जनता का चौकीदार है।
इस बात में कुछ सच्चाई है कि आज कुछ लेखक सत्ता और बाजार का समर्थन कर रहे हैं। मैं साहित्य और कला के उत्सवों के आयोजन के खिलाफ नहीं हूं लेकिन ऐसे मौकों पर हमारा ध्यान साहित्य और ला से जुड़े विषयों और मुद्दों पर केंद्रित रहना चाहिए। ऐसे उत्सव यदि लेखकों और पाठकों का ध्यान खींचते हैं और उन्हें एक दूसरे के साथ संवाद करने के मौके देते हैं तो ऐसे साहित्यिक उत्सव जरूर आयोजित होने चाहिए। मैं साहित्य उत्सवों को एक अवसर के रूप में देखता हूं।
इस संदर्भ में एक उदाहरण मैं देना चाहूंगा। अशोक वाजपेयी ने जब भोपाल में भारत भवन बनाया तब वे देश और दुनिया भर के लेखकों, कलाकारों को वहां आमंत्रित करते थे। हमलोग वहां एक साथ बैठते थे और साहित्य एवं कला के मुद्दे पर गंभीर बातचीत करते थे। जहां तक नई पीढ़ी के लेखकों का सवाल है, मैं उनसे बार-बार कहता हूं कि श्रेष्ठ लेखन के लिए अध्ययन अत्यंत जरूरी है। जीवन का अनुभव हर किसी के पास होता है, लेकिन अध्ययन से आपके जीवनानुभव में प्रखरता आ जाती है। पढ़ते हुए आप दूसरे के जीवनानुभवों और विचारों से गहरे रूप से जुड़ते हैं,  आत्म-मंथन करते हैं और खुद को, समय को और समाज की समस्याओं को बेहतर ढंग से अभिव्यक्ति कर पाते हैं। दरअसल, अध्ययन का एक संश्लिष्ट रूप है लेखन का। अपने जीवन में मुझे हमेशा पढऩे में दिलचस्पी रही है। इसलिए पढऩे-लिखने को मैं एक संयुक्त कर्म मानता हूं।

16 thoughts on “लेखक समाज और जनता का चौकीदार होता है

  1. बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत..
    आभार जानकी पुल ..

  2. मूल्यवान बाते बतायीं कुँवर जी ने !आभार 'जानकी पुल' !

  3. कुंवर नारायण हमारे समय में प्रामाणिक चिंतन और लेखन की महत्‍वपूर्ण मिसाल हैं। प्रस्‍तुत साक्षात्‍कार में उन्‍होंने सरलता के साथ 'प्रामाणिकता' का अर्थ ही खोला है। अपनी संवेदनाओं के प्रति आध्‍यात्मिक होशपूर्णता बनाए रखना जिससे प्रदूषणों से बचा रहा जा सके, निजी अपनी सामाजिक चेतना और जटिलताओं की बाढ़ में अपनी सामाजिक चेतना की सही पोजिशनिंग का होश, गहरे और भरपूर अध्‍ययन की वकालत यानि परंपराओं से जुड़ने का बोध और कौशल, स्‍वयं की अभिव्‍यक्ति की विशिष्‍टता और तड़प को समझना, बनाए रखना और शेप देना, सत्‍ता और बाजार के प्रति न तो 'समर्थन के लिए समर्थन' और न ही 'विरोध के लिए विरोध' रखना बल्कि स्‍वतंत्र भाव- बोध और केस-टू-केस समझ रखना- ये सब कुछ कुंवर नारायण की कविताओं और विचारों में बिखरी जीवन दृष्टि है। छोटे से इंटरव्‍यू में यह सब छलक कर सामने आ गया है।………….पांडेय राकेश श्रीवास्‍तव

  4. हमारे समय के सबसे महत्वपूर्ण कवि kunwar नारायण जी से मुलाकात अच्छी लगी.. unki kavitao जैसे ही उनके vichar saaf और spasht है.. waise तो unhone kai mahatwapurna baate की है लेकिन mai do bato par avashya kuchh kahna chahunga,,..1-lekhak की pratibadhata कहा honi chahiye और 2-likhne walo के लिए pathak hona kitna jaruri है… kisi bhi lekhak के लिए ye tippariya ek roshani की tarah है .. jisase wo apna rasta saaf saaf dekh sakta है…bahut abhar apka इस prastuti के लिए……

  5. साहित्‍य ,सत्‍ता और प्रतिबद्धता पर संक्षिप्‍त परंतु रचनात्‍मक चर्चा ।प्रभात रंजन जी व शशिकांत जी को धन्‍यवाद ।

  6. आज के समाज में सत्ता और लेखन एक दुसरे के पर्याय बन चुके …इस समय में इस तरह की संजीदगी बात ..काफी प्रभावशाली लगी …जो कुछ आज लेखन का कार्य हो रही है ..उसमें सत्ता शिनो का गुणगान ज्यादा है कही …पर …एक रुपया और एक पैसे में फर्क इस पूंजीवादी समाज में कहाँ लेखक को कहाँ खड़ा पाती है ये भी सोचनीय विषय है कही …लेखक को अपने संसाधन के लिए ..क्या उपलब्ध है इसका भी ख्याल कहाँ है पाठक या स्तत्ता को इस और ध्यान दिलाना या सोचना किसीकी जिम्मेवारी है ???/….अच्छा लेख समाज को आइना दिखाता हुआ !!!!!!!!Nirmal Paneri

  7. bahut badiya prbhat jee,kunwar narayan jee hamare samai ke bade kaviyon me se hai,abhi van gogh par irving stone ka novel Lust for life smapt kiya,kunwar sahab ne bilkul sahi priprchey me yad kiya hai vna gogh ko,van Gogh jaise rachnatamak bechaini baut kam hogi kala aur sahitya ki duniya me.
    shankhdhar dubey

  8. कुंवर नारायन जी की बतायी बातों को अगर कथित लेखक वर्ग का बस दस पांच प्रतिशत भी मान ले तो भारत में स्थिति अब भी सुधर सकती है..कलम कारों ने धनपतियों और भ्रष्ट्र नेताओं से अधिक नुकसान किया है..असमान्य और अव्यवहारिक सी लगने वाली बातें है सभी राडिया और प्रभु चावला, बरखा जैसे सत्ता के दलालों के युग में..इस बाज़ार में ये तमाम बाते बेमानी सी हैं..बारहाल रु ब रु कराने के लिये आप बधाई की पात्र हैं..सादर

  9. Pingback: funny987
  10. Pingback: ks pod
  11. Pingback: Magic mushroom
  12. Suivre le téléphone portable – Application de suivi cachée qui enregistre l’emplacement, les SMS, l’audio des appels, WhatsApp, Facebook, photo, caméra, activité Internet. Idéal pour le contrôle parental et la surveillance des employés. Suivre le Téléphone Gratuitement – Logiciel de Surveillance en Ligne.

  13. Pingback: site here

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1 mins
WordPress Center Ankara Escort: Beypazarı Escort, Pursaklar Escort, Etimesgut Escort İstanbul Escort: Esenyurt Escort, Bahçelievler Escort, Maltepe Escort Bursa Escort: Gürsu Escort, Keles Escort, İznik Escort What are the best budget smartphones available in 2025? Reason Why Everyone Love Travel Doubts About Lifestyle You Should Clarify MeMeMe – The Meme Generator | WP Plugin WooCommerce Cart Plugin – Ultimate Shopping Cart Solution WooCommerce Manual Pricing – Name Your Price Plugin Tiva Testimonials Slider For WordPress WP Bakery Autoresponder Addon PixelPhoto – The Ultimate Image Sharing & Photo Social Network Platform WordPress Appointment Schedule Booking System Pro VKomatic Automatic Post Generator and VKontakte Auto Poster Plugin for WordPress Starto – WooCommerce Responsive Email Template Most Wanted WordPress Plugins Pack