हाल ही में कवयित्री रंजिता सिंह ‘फ़लक’ का काव्य संग्रह ‘चुप्पी प्रेम की भाषा है’ प्रकाशित हुआ है।इससे पहले उनकी…
Category: समीक्षा
स्त्री मुगल: कविता में दर्ज स्त्रियों की ऐतिहासिक व्यथा
वरिष्ठ कवि पवन करण के कविता संग्रह ‘स्त्री मुग़ल’ पर यह टिप्पणी लिखी है दूसरे वरिष्ठ कवि बोधिसत्व ने। ‘स्त्री…
आनंद पांडेय की पुस्तक ‘आशंकाओं के द्वीप में लघुमानव’ की समीक्षा
हाल ही में आनंद पांडेय ने विजयदेव नारायण साही पर केंद्रित किताब लिखी है ‘आशंकाओं के द्वीप में लघुमानव’। प्रस्तुत…
पूनम अरोड़ा की पुस्तक ‘परख’ की समीक्षा
कवयित्री पूनम अरोड़ा की पुस्तक आई है ‘परख’, जो प्रसिद्ध कवि-लेखक-संस्कृतिकर्मी अशोक वाजपेयी से बातचीत पर आधारित पुस्तक है। इसी…
ज्यामिति: संवेदना और साहस से उपजी कविताएँ
शांति नायर के कविता संग्रह ‘ज्यामिति’ पर यह विस्तृत टिप्पणी लिखी है जानी-मानी कवयित्री सुमन केशरी ने। राजकमल प्रकाशन से…
‘मृत्यु कविताएँ’ : कृति से साक्षात्कार
अरुण देव समकालीन कविता के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर हैं। इसी साल उनका कविता संग्रह आया है ‘मृत्यु कविताएँ’। जब से संग्रह…
अम्बर पाण्डेय का ‘मतलब हिन्दू’ या मतलबी हिंदू
अम्बर पाण्डेय का उपन्यास ‘मतलब हिंदू’ जब से प्रकाशित हुआ है तभी से इसको लेकर चर्चा हो रही है। कोई…
बोधिसत्व के कविता संग्रह ‘अयोध्या में कालपुरुष’ की समीक्षा
बोधिसत्व के नवीनतम काव्य संग्रह ‘अयोध्या में कालपुरुष’ पर संजय जायसवाल की यह समीक्षा प्रस्तुत है – अनुरंजनी ============================================ लोकतांत्रिक…
प्रतिबद्धता की एक अलहदा भाषा का सृजन करता उपन्यास ‘ख़लल’
वरिष्ठ लेखक संतोष दीक्षित का नया उपन्यास ‘ख़लल’ सेतु प्रकाशन से प्रकाशित हुआ है। समकालीन समय के सामाजिक-राजनीतिक बदलावों, सांप्रदायिकता…
अशोक कुमार पांडेय के कविता संग्रह पर पवन करण की टिप्पणी
बरसों बाद अशोक कुमार पांडेय का कविता संग्रह प्रकाशित हुआ है ‘आवाज़-बेआवाज़’। राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित इस संग्रह को पढ़कर…



